बरेली। कैंट में टोल टैक्स के ठेके को लेकर सभासदों और बोर्ड प्रशासन के बीच काफी खींचतान हुई। न न करते सभासद अगले दिन हां कर बैठे और नाटकीय ढंग से प्रस्ताव पास हो गया।
कैंट बोर्ड में बुधवार को हुई बैठक में 16 प्रस्तावों के बीच एक प्रस्ताव टोल टैक्स ठेके का अलग से रखा गया। सभासदों ने प्रस्ताव यह कहकर गिरा दिया कि इस पर अलग से चर्चा की जाए। इस मुद्दे पर काफी देर सभासदों और बोर्ड प्रशासन के बीच बहस भी हुई। सीईओ को यहां तक कहना पड़ा कि क्या उन्हें बोर्ड के लिए ढाई करोड़ रुपये नहीं चाहिए। इसी बीच तय हुआ कि अगले रोज इसके लिए अगल से बैठक की जाए। इस पर सभी की सहमति बन गई।
बताते हैं कि रात में सभी सभासद एक स्थान पर एकत्र हुए और तय हुआ कि वह बृहस्पतिवार की बैठक में शामिल नहीं होंगे। इसकी भनक किसी तरह कैंट बोर्ड प्रशासन को लग गई। आनन-फानन में प्रशासन ने तय किया कि सभासदों के अलावा जो अन्य सदस्य हैं, खासतौर से सेना के सदस्य उन्हें बुलाकर बैठक का कोरम पूरा कर लिया जाए। इस बात की खबर सभासदों को भी लग गई। सुबह जब बैठक का समय हुआ तो एक सभासद को छोड़कर सभी पहुंच गए। प्रस्ताव रखा गया और सर्वसम्मति से पास भी हो गया। बैठक की अध्यक्ष ब्रिगेडियर एएन झा ने की। इस मौके पर सीईओ प्रमोद कुमार सिंह, उपाध्यक्ष मीता सती, एडम कमांडेंट अमित वीर पांड्या, एडीएम सिटी अरुण कुमार, सभासद शिखा नायर, मदन सिंह बिष्ट, अब्दुल हमीद, राज कुमार, दुर्ग अभियंता, एसईएमओ, संजय कपूर, मनीष भावे आदि मौजूद रहे।
कैंट के पार्कों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
- बिना एंट्री नहीं मिलेगा प्रवेश, आईडी भी दिखानी होगी
बरेली। कैंट के पार्कों की मिली शिकायत पर कैंट बोर्ड प्रशासन सख्त हो गया है। तय कर दिया गया है कि अब कैंट के पार्कों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही गेट पर एंट्री दर्ज कराए बिना कोई प्रवेश नहीं कर पाएगा।
यह व्यवस्था पिछले दिनों चिल्ड्रेन पार्क में मिली शिकायत के आधार पर की जा रही है। इसमें पता चला था कि बच्चों के पार्क में कुछ युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में मिले थे। इसे लेकर सीईओ प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि चिल्ड्रेन पार्क और गांधी पार्क (फूल बाग) के मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा। पार्क में आने वालों को अपना नाम-पता दर्ज कराने के साथ ही आईडी भी दिखानी होगी। इसके बिना पार्कों में प्रवेश नहीं मिलेगा। ढाटा बांधकर प्रवेश पर भी रोक रहेगी। पार्क के ठेकेदारों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे गेट पर टिकट दर अंकित करें। साथ ही पार्किंग के लिए साइकिल, बाइक और कार किराये की लिस्ट भी लगाएं। लोगों से अनावश्यक पैसा न लिया जाए।