फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति में तत्कालीन बीएसए समेत 27 फंसे

Fri, 26 Feb 2016 02:14 AM IST
बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षकों की विजिलेंस जांच में दो तत्कालीन बीएसए, एबीएसए, शिक्षक, बाबू और रिटायर्ड बाबू समेत 27 अफसर और कर्मचारी फंस गए हैं। विजिलेंस ने पूरे प्रकरण की जांच पूरी कर ली है। मामले की जांच आख्या शासन को भेजी जाएगी।  
विज्ञापन

करीब दशक भर पूर्व बेसिक शिक्षा विभाग में 16 फर्जी शिक्षकों के ट्रांसफर दिखाकर स्कूलों में ज्वाइन कराने का मामला पकड़ा गया था। इन शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग में नहीं थी, लेकिन बाबू फर्जी शिक्षकों के नाम तबादला आदेश बनवाकर स्कूलों में ज्वाइन कराते रहे। तत्कालीन एडी बेसिक योगेंद्र सिंह और एबीएसए त्रिलोकीनाथ गंगवार ने मामले की जांच की थी। बीएसए दफ्तर से फर्जी शिक्षकों का वेतन भी जारी किया जाता रहा। लिपिक दीपचंद गंगवार ने फर्जी शिक्षकों की वेतन निकासी पर रोक लगा दी थी। बाबू को इसका खामियाजा अपनी जान देकर भुगतना पड़ा। बीएसए दफ्तर से निकलते समय दीपचंद्र गंगवार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शासन स्तर से मामले की जांच हुई, जिसमें तत्कालीन बीएसए एमपी सिंह कुशवाहा समेत दो एबीएसए, शिक्षक, बाबू और रिटायर्ड बाबू समेत 27 अफसर और कर्मचारी घेरे में आए। जून, 2013 में इन पर एफआईआर दर्ज कराई गई। बाद में जांच सतर्कता अधिष्ठान (विजीलेंस) टीम को सौंप दी गई। विजीलेंस ने मामले की जांच दो साल में पूरी की। इसमें तत्कालीन बीएसए, पूर्व बीएसए समेत 27 अफसर और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। विजीलेंस जांच के बाद घेरे में आए अफसर और कर्मचारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें