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टोक्यो ओलंपिक: हॉकी टीम की जीत के स्टार सिमरनजीत सिंह बोले-बचपन में जो सपना देखा था, आज पूरा हो गया

Fri, 06 Aug 2021 12:23 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

फोन पर बात करते हुए कांस्य पदक विजेता होने का गौरव भी पीलीभीत के खिलाड़ी सिमरनजीत की आवाज में झलक रहा था। फोन पर हुई बातचीत में कहा कि पूरा भरोसा है कि देश में हॉकी अब फिर से ऊंचाई पर होगी। भारत की जीत में सिमरनजीत सिंह ने दो गोल किए। उन्होंने ही भारत के लिए पहला और पांचवां गोल किया।
 
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Simranjeet Singh
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विस्तार
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आंखों में खुशी के आंसू आए जा रहे हैं। मैं समझा नहीं सकता कि कैसे बयां करूं। बचपन में जब अपने घर से ताऊ के साथ पंजाब गया था तो मन में था कि हॉकी में कुछ बड़ा करूंगा। मेरे परिवार के खून में हॉकी है। खुशी है कि आज बरसों पुराना सपना पूरा हुआ। 
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फोन पर बात करते हुए कांस्य पदक विजेता होने का गौरव भी पीलीभीत के खिलाड़ी सिमरनजीत की आवाज में झलक रहा था। फोन पर हुई बातचीत में कहा कि पूरा भरोसा है कि देश में हॉकी अब फिर से ऊंचाई पर होगी। भारत की जीत में सिमरनजीत सिंह ने दो गोल किए। उन्होंने ही भारत के लिए पहला और पांचवां गोल किया।

 सिमरनजीत ने बताया कि टीम ने ओलंपिक पदक के लिए खूब मेहनत की थी। उन्हें खुशी है कि उन्होंने जरूरत पड़ने पर देश के लिए बेहतर खेल दिखाया। वह गांव में लकड़ी की स्टिक से ही खेलने की कोशिश करते थे। उनकी खेल में रुचि देखकर दस साल की उम्र में ही पंजाब निवासी ताऊ उन्हें अपने साथ ले गए।
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इसके बाद हॉकी का उनका सफर हुआ। मैच में जब-जब मौका मिला तो पूरी जान लगा दी। खुशी इस बात की है कि वह अहम मौकों पर टीम के काम आए। कोच और कप्तान सहित सभी खिलाड़ियों ने तय किया था कि पूरी जान लगा देंगे।
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जीतने के बाद माता-पिता से की बात

सिमरनजीत सिंह ने बताया कि मैच जीतने के बाद उन्होंने फोन पर अपनी मां मंजीत कौर और पिता इकबाल सिंह से बात की। पीलीभीत के मझोला में रह रहा उनका पूरा परिवार बहुत खुश था। उन्होंने बताया कि जब वह खेल हॉस्टल गए थे तो वहां कई बार घर की याद आती थी।
 
पिता जी अक्सर कहा करते थे कि जब एक मुकाम पर पहुंच जाओगे तो यह परेशानियां याद भी नहीं रहेंगी। ताऊ जी के साथ माता-पिता की कड़ी मेहनत के कारण ही यहां तक पहुंच पाया हूं। उन्होंने इतनी कम उम्र में मुझे हॉकी के लिए अपने से दूर कर दिया था। शायद इसी दिन के लिए यह सब कुछ हुआ था।

उम्मीद है कि हॉकी अब नए मुकाम पर पहुंचेगी
सिमरनजीत के अनुसार भारतीय हॉकी ने पिछले कुछ सालों में काफी उतार चढ़ाव देखे हैं। उनका कहना है कि इस पदक के बाद उम्मीद है कि हॉकी एक नए मुकाम पर पहुंचेगी। नई पीढ़ी का हॉकी की ओर झुकाव बढ़ेगा। जिस तरह से जीतने के बाद लोगों के बधाई के फोन आ रहे हैं, उससे पूरी टीम ही बहुत खुश है। अभी इस टीम को इससे भी आगे जाना है। भविष्य में गोल्ड की तैयारी करनी है।
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