बरेली। सुन्नी बरेलवी मसलक के मजहबी रहनुमा ताजुश्शरिया हजरत मुफ्ती अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) के दो रोजा उर्स की सभी तैयारियां मुकम्मल हो गई हैं। उर्स का आगाज बुधवार को परचम कुशाई की रस्म से होगा।
उर्स की सभी तकरीब दरगाह के सज्जादानशीन एवं काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी (असजद मियां) की सरपरस्ती और उर्स प्रभारी सलमान मियां की सदारत में दरगाह ताजुश्शरिया और मथुरापुर स्थित जामीयतुर्रजा में अदा की जाएंगी। जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां ने बताया कि दरगाह ताजुश्शरिया में मजार शरीफ पर पत्थर और नक्काशी का काम कराया गया है। सुंदर रंगीन लाइटों और गुलाब के फूलों से दरगाह को सजाया जा रहा है।
इधर, जमात के प्रवक्ता समरान खान के अनुसार बुधवार सुबह दरगाह शरीफ पर कुरान ख्वानी और नातो मनकबत की महफिल होगी। शाम को अस्र की नमाज के बाद शाम छह बजे परचम कुशाई की रस्म अदा की जाएगी। इसमें शाहबाद स्थित शादी हाल, आजम नगर स्थित हरी मस्जिद और सैलानी के हुसैन चौक से अलग अलग परचमी जुलूस दरगाह शरीफ पहुंचेंगे। रात नौ बजे से दरगाह शरीफ पर मिलाद की महफिल सजेगी।
मस्जिदों से किया जा रहा एलान अकीदतमंद घरों पर मनाएं उर्स
बरेली। उर्स-ए-ताजुश्शरिया में भीड़ न जुटे, इसके लिए मस्जिदों से एलान किया जा रहा है कि अकीदतमंद घरों में ही ताजुश्शरिया का उर्स मनाएं। इसे लेकर मंगलवार जमात रजा मुस्तफा के कार्यालय पर उर्स कोर कमेटी की बैठक हुई। इसमें जमात के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उर्स प्रभारी सलमान मियां ने मस्जिदों के इमामों से अपील की कि वे अहले सुन्नत को एलान कर बताएं कि इस बार कोरोना के चलते दरगाह ताजुश्शरिया और मदरसा जामीयतुर्रजा में चंद लोगों की मौजूदगी में ही कुल की रस्में अदा की जाएंगी। बाकी लोग अपने घरों और मोहल्लों में ही उर्स मनाएं। बैठक में समरान खान, मोइन खान, अब्दुल्लाह रजा खां, हाफिज इकराम रजा खान, डॉ. मेहंदी हसन, शमीम अहमद, मौलाना निजामुद्दीन आदि मौजूद रहे।
ऑडियो प्रसारण के लिए वेबसाइट लिंक जारी
बरेली। उर्स-ए-ताजुश्शरिया के लाइव ऑडियो प्रसारण के लिए दरगाह की ओर से वेबसाइट लिंग सोशल मीडिया पर जारी किया गया है। इसके अलावा उर्स के पोस्टर पर भी लिंक दिया गया है। इसके माध्यम से उर्स के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सुना जा सकता है।