बरेली। शनि जयंती इस बार 27 जून को मनाई जाएगी। हर साल ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि जयंती मनाई जाती है। माना जाता है कि इसी दिन शनिदेव का अवतरण हुआ था।
पंडित राजेेश शर्मा बताते हैं कि इस बार शनि जयंती सोमवार को पड़ने से भगवान शिव की कृपा भी भक्तों पर बरसेगी। माना जाता है कि पीपल की जड़ों में शनिदेव का वास होता है। ऐसे में शनि जयंती के दिन पीपल से जुड़े उपायों को करके शनिदेव की कृपा पाई जा सकती है। साथ ही शनि की साढ़ेसाती और ढैया से जूझ रहे जातकों को भी राहत मिल सकती है।
पूजा विधि
पूजा के बाद पीपल की जड़ में कच्चा दूध, गंगाजल और जल चढ़ाएं। इस दौरान 11 बार शनि मंत्र का जाप करें। अभी मेष, कुंभ और मीन राशि के जातकों की साढ़ेसाती और सिंह व धनु की ढैय्या चल रही है। ऐसे में इस उपाय से उनके जीवन में स्थिरता आएगी। शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाएं। संवाद