बरेली। बरेली से बदायूं के बीच गड्ढे खतरा बन रहे हैं। खतरे के बीच लोग गुजर रहे हैं। ऐसे हालात तब है जब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने लोक निर्माण विभाग से बरेली-मथुरा हाईवे को अपने हाथ में ले लिया है, लेकिन गड्ढों से कोई लेना-देना नहीं है। इसीलिए सड़क सुरक्षा के दावे फेल हो रहे हैं।
बरेली-मथुरा हाईवे पहले लोक निर्माण विभाग के पास था। हाईवे घोषित होने पर वर्ष 2020 में लोक निर्माण विभाग से यह मार्ग एनएचएआई अपने कब्जे में लिया था। एनएचएआई इसे फोरलेन बनाएगा। मार्ग के तीन हिस्सों में काम चल रहा है, लेकिन बरेली से बदायूं के बीच अभी काम शुरू नहीं हो सका है। देरी का खामियाजा आवागमन करने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि एनएचएआई ने इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी नहीं निभाई। सड़क एनएचएआई को सौंपकर कर लोक निर्माण विभाग भी चार साल से मरम्मत से हाथ खींच चुका है। इस मार्ग पर रामगंगा नदी के पुल पर सड़क उखड़ने से खतरे भरे गड्ढे सामने आए हैं। आएदिन आने-जाने वाले लोग तो गड्डों से बचकर निकले जाते हैं, लेकिन जो बाहर से आते हैं, उनके वाहन कई बार गड्ढे में झटका खाते हैं। खासकर दोपहिया वाहन वालों के लिए गिरने का खतरा रहता है। यह स्थिति पुल पर एक महीने से है। मार्ग खतरे भरे गड्ढे का यह सिर्फ मात्र एक उदाहरण है। ऐसे खतरे भरे गड्ढे बरेली से बदायूं तक 38.5 किलोमीटर मार्ग में कई स्थानों पर हैं। रेलवे की महेशपुरा क्रॉसिंग के निकट सड़क कट गई। ब्यूरो
लोगों की बात
मैं कार से बरेली आता-जाता हूं। मेरी कार के आगे-आगे बाइक वाला था। जब अचानक गड्ढा सामने आया तो बाइक सवार ने ब्रेक लगाया। ब्रेक लगने से बाइक सवार गिरते-गिरते बचे। - अमित रस्तोगी, सर्राफ, बिशारतगंज
मैं अपने गांव से रोजाना दूध देने के लिए बाइक से सुभाषनगर जाता हूं। महेशपुरा क्रॉसिंग पर सड़क कटी है। अधिकारी देखकर आगे बढ़ जाते हैं। सड़क कब ठीक होगी? मेरा सवाल यही है। - जय सिंह, दूधिया, गांव मिर्जापुर
रामगंगा पुल पर एक ट्रक ने जैक लगाकर सड़क को क्षतिग्रस्त किया था। इसे एनएचएआई ठीक कराएगा। सड़क पर अगर कहीं और भी गड्ढे हुए हैं तो उन्हें भी भरवाएंगे। - उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण