गजरौला (पीलीभीत)। खेत की रखवाली कर रही एक महिला पर बाघ ने अचानक हमला कर उसे मार डाला। मांस खाते वक्त देखे जाने पर ग्रामीणों ने शोर मचाया तो वह जंगल की तरफ भाग गया। घटना से गुस्साए गांववालों ने मौके पर आई पुलिस को पोस्टमार्टम के लिए शव देने से इनकार कर दिया। फिर वन विभाग की टीम को भी दौड़ा दिया। इस पर कई थानों की पुलिस मौके पर बुला ली गई। अधिकारियों से साढ़े चार घंटे की बातचीत के बाद गांव वालों ने का शव पुलिस को सौंप दिया।
टाइगर रिजर्व की माला रेंज के समीप माला कॉलानी रेलवे स्टेशन के पास रहने वाली 45 वर्षीय रमोनी देवी शनिवार सुबह गन्ने की खेत की रखवाली कर रही थीं। बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया। इसके बाद मांस खाते वक्त देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर-शराबा सुनकर बाघ रमोनी देवी को वहीं छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। मगर, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पुलिस पहुंची तो गांववालों ने उनका शव देने से इनकार कर दिया। गुस्साए गांववालों ने वन विभाग के कर्मचारियों को दौड़ा लिया। स्थिति बिगड़ने पर कई थानों की पुलिस बुला ली गई। टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस कर्मियों ने गांववालों से महिला का शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो गुस्साए गांव वाले डीएम को बुलाने पर अड़ गए। साढ़े चार घंटे तक हंगामा होता रहा। बाद में गांववालों ने शव को पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दो माह में गजरौला क्षेत्र में बाघ के हमले में मौत की यह तीसरा घटना है।
बाघ हमले में महिला की मौत की सूचना मिली थी। घटनास्थल का मौका मुआयना किया गया। वन कर्मियों को निगरानी के लिए लगाया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर टाइगर रिजर्व