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बाघ की मौत का रहस्य बरकरार

Tue, 09 Dec 2014 08:39 PM IST
बरेली
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खीरी ब्रांच नहर में मिले बाघ के शव को लेकर रहस्य बरकरार है। यह बाघ कहां से बहकर आया औैर यहां तक कैसे पहुंचा? इसको लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। बाघ के शरीर पर गंभीर चोट के कोई निशान नहीं मिलने से वनविभाग शिकार की आशंका से इंकार कर रहा है। मंगलवार की सुबह आईवीआरआई बरेली में बाघ का पोस्टमार्टम किया गया। बाघ का विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। बाघ के पंजे का नाखून निकला हुआ होने के कारण इसके पीछे तस्करों की करतूत का अनुमान भी लगाया जा रहा है।
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सोमवार की शाम गोला से करीब चार किलोमीटर दूर बखारी पुल के पास खीरी ब्रांच नहर से बाघ के शव को बरामद किया गया। शव नहर में बहता हुआ यहां तक पहुंचा था। बाघ की उम्र करीब सात साल बताई जा रही है। इसकी लंबाई पांच फुट थी। सोमवार रात में ही बाघ के शव को रेंजर उमेश राय के साथ पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा गया। आईवीआरआई के चिकित्सकों ने अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा नहीं किया है। रेंजर उमेश राय ने बताया कि बाघ का विसरा सुरक्षित कर लिया गया है, ताकि  मौत के कारणों का सही पता लगाया जा सके। इसकी परीक्षण रिपोर्ट हफ्ते भर में आने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खीरी ब्रांच नहर में शुक्रवार को ही पानी छोड़ा गया था। नहर में अभी इतना पानी भी नहीं है कि बाघ का शव दूर से बहकर यहां तक पहुंच पाता। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि बाघ की मौत बीमारी या दूसरे किसी कारण से आसपास ही कहीं सूखी नहर में हो गई होगी। नहर में पानी छोड़े जाने पर बाघ का शव पानी के साथ बहता हुआ बखारी पुल तक आ पहुंचा।
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वर्जन--
बाघ के अगले पैर में चोट के निशान के साथ ही नाखून भी निकला हुआ है। इसे मौत के बाद निकाला गया है। संभवत: 35 घंटे पहले बाघ की मौत हुई है। ठंड में भी लगातार पानी में रहने की वजह से शव सड़ गया है। इसलिए, मौत की सटीक वजह पता नहीं चल पा रही है। बीमारी आदि की जांच के लिए आईवीआरआई बरेली के साथ ही आईवीआरआई मुक्तेश्वर शाखा में भी विसरा जांच के लिए भेज दिया गया है। -- डॉ. एके शर्मा, वाइल्ड लाइफ इंचार्ज, आईवीआरआई  

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अगले कंधे की धारियों से होगी बाघ की पहचान
अगले कंधों की धारियों से बाघ की पहचान की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह इंसानों के फिंगर प्रिंट अलग-अलग होते हैं उसी तरह बाघ के अगले कंधों की धारियां भी दूसरे बाघों से मेल नहीं खातीं। वन विभाग पिछले साल कैमरों में ट्रैप की गई तस्वीरों से मृत बाघ की तस्वीरों से मैच कर पता लगाएगा कि यह बाघ मूल रूप से जंगल के किस क्षेत्र का है।
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एक माह में शेड्यूल वन के तीन प्राणियों की मौत
पिछले एक माह के अंदर अनुसूची-एक के तीन प्राणियों की मौत हुई है। छह नवंबर को शारदानगर रेंज में एक तेंदुए का शव मिला था। इसके बाद इसी रेंज के खीरी थाना क्षेत्र में एक काले हिरन को जानवरों ने मौत के घाट उतार दिया। अब बाघ का शव बरामद हुआ है। तीनों वन्यजीवों की मौत दक्षिण खीरी वन प्रभाग में हुई है।
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कोट..
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बाघ की मौत के कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बाघ की मौत कहां हुई और यहां तक उसका शव कैसे पहुंचा। -नीरज कुमार, डीएफओ साउथ, खीरी।
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