पूरनपुर (पीलीभीत)। गांव मटेहना में नौ लोगों को घायल करने के बाद ग्रामीणों के गुस्से का शिकार हुई बाघिन की बुधवार रात करीब साढ़े बारह बजे मौत हो गई। बाघिन के हमले से ग्रामीण इतने गुस्से में थे कि पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के पहुंचने पर वे उनसे भिड़ गए। एक बार तो उग्र भीड़ के आगे पुलिस बेबस नजर आई।
बाद में पुलिस ने लाठी फटकारकर ग्रामीणों को खदेड़ा। इस पर ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसमें एसडीएम की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। मामले में दियोरिया रेंज के वन दरोगा दिनेश गिरी की तहरीर पर पूरनपुर कोतवाली में 31 नामजद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
ग्रामीणों पर बाघिन के हमले के बाद बुधवार शाम करीब पांच बजे स्थिति संभालने पहुंचे प्रशासन, पुलिस, वन अफसरों व ग्रामीणों के बीच देर रात तक झड़प चलती रही। घायल बाघिन को पकड़कर न ले जाने पर आक्रोशित लाठी, डंडों से लैस लोगों ने कई बार अफसरों और पुलिस कर्मियों को दौड़ा दिया। भीड़ से घिरने पर कई बार पुलिस कर्मियों को गिड़गिड़ाकर जान बचानी पड़ी। तनाव के चलते आसपास थानों की पुलिस भी रात में ही मौके पर पहुंची। भीड़ के पथराव से एसडीएम की गाड़ी का अगला शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। भीड़ ने गाड़ी की लाइट भी क्षतिग्रस्त कर दी। इसके बाद बाघिन के समीप पहुंचने केे प्रयास शुरू हुए, लेकिन कर्मचारी दहशत में रहे। आक्रोशित लोग बाघिन को जंगल में छोड़ने या फिर पकड़कर ले जाने की मांग कर रहे थे।