फतेहगंज पूर्वी के गांव हरेला में दो जंगली सुअरों का शिकार तेंदुए ने नहीं बल्कि बाघ ने किया था। डीएफओ ने मंगलवार को जंगली सुअरों का शिकार करने वाले जानवर को तेंदुआ बताया था लेकिन जांच के बाद बुधवार को फतेहगंज पूर्वी में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि कर दी। इसके बाद ग्रामीणों को एलर्ट कर दिया गया है। बाघ को ट्रेस करने के लिए दो टीमें बना दी गई हैं। जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम खोलकर ग्रामीणों से बाघ दिखाई देने पर फौरन सूचना देने की भी अपील की है।
फतेहगंज पूर्वी के गांवों में सुबह जल्दी उठने वाले ग्रामीणों ने किसी जानवर के पदचिह्न देखे थे। इसकी सूचना वन विभाग को लगातार दी जा रही थी। दो दिन पहले इस जानवर ने दो सुअरों को मार दिया, तब फिर ग्रामीणों ने वन विभाग को गांव में बाघ होने की सूचना दी थी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंचे डिप्टी रेंजर ने यहां बाघ होने की पुष्टि की थी लेकिन डीएफओ ने इस जानवर को तेंदुआ बताया था। लेकिन अब जांच के बाद उन्होंने भी इन गांवों में बाघ होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रेंजर की अगुवाई में विभाग की दो टीमें बाघ को ट्रेस करने के लिए लगा दी गई हैं। कंट्रोल रूम भी खोला गया है जिसका नंबर 0581-2427306 है। कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर बाघ दिखाई देने पर सूचना दे सकता है। डीएफओ भरत लाल के अनुसार रेंजर ने जानकारी दी है कि अज्ञात जानवर तेंदुआ नहीं बल्कि बाघ है। उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों टीमें पद चिह्नों के आधार पर उसकी तलाश में जुटी हैं।