लखनऊ से सज-संवरकर बरेली के जिला अस्पताल में भेजी गई ब्लड कलेक्शन बस की हवा पहली ही यात्रा में निकल गई। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर आंवला तक गई यह बस सही सलामत लौटकर नहीं आ सकी। पहली ही यात्रा में बस के कल पुर्जे अंदर तक हिल गए। जरा झटके क्या लगे, बस का एसी उखड़ कर नीचे जा गिरा। जिला अस्पताल प्रशासन ने बस की हालत पर रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी है।
ब्लड कलेक्शन बस का शुभारंभ लखनऊ में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने हरी झंडी दिखाकर किया था। डेढ़ महीने से जिला अस्पताल परिसर में खड़ी बस में पहले ही कई खामियां बताई जा रही थीं। पहली यात्रा बस निकली तो हकीकत भी खुलकर सामने आ गई। आंवला में बस लेकर कैंप करने गए तो वहां बस का एसी तक नहीं चला। जहां कैंप लगा, वहां का जेनरेटर एसी को सपोर्ट नहीं कर रहा था। बस पूरी तरह बंद थी इसलिए उसमें रक्तदान करने वाले लोग पसीने से तरबतर हो गए। कर्मचारियों को भी रक्तदान के दौरान लोगाें को बस में बुलाना मुश्किल पड़ गया। किसी तरह 60 यूनिट रक्त लेकर कर्मचारी बरेली वापस आ गए। रास्ते में एसी भी बस से उखड़ गया जिसे दोबारा फिट किया गया। ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. यूवी सिंह ने बस की स्थिति पर एक रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी है।
बस चेक करने को नहीं मिली
लखनऊ से जुड़े सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बस को हैंडओवर करने से पहले किसी भी चिकित्सक को बस की स्थिति देखने को नहीं मिली। कई जिलों से लोग कार्यक्रम में गए थे, वे बस को पूरी तरह देखभाल करने के बाद ही चाभी लेना चाहते थे ताकि कोई कमी हो तो जिम्मेदार लोगों को बताया जा सके लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
कोट
आंवला बस लेकर गए थे लेकिन वहां एसी जेनरेटर की वजह से नहीं चल सका। बस का एसी भी अपनी जगह से उखड़ गया था। इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी गई है। - डॉ. यूवी सिंह, ब्लड बैंक प्रभारी