निकाय चुनाव को शायद इसीलिए गली-मोहल्ले की सरकार कहते हैं, क्योंकि यहां वोटर दल से ज्यादा दिल से जुड़ा दिखता है। वार्डों में घूमकर मतदाताओं से कोई न कोई रिश्ता कायम कर वोट मांगने वाले पार्षद पद के प्रत्याशी का वोटर से ऐसा जुड़ाव हो जाता है कि फिर वे न दल देखते हैं और न दूसरे प्रत्याशी की शिक्षा-दीक्षा। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। शहर के 80 वार्डों से 10 में अंगूठा छाप प्रत्याशियों ने अपने मतदाताओं का ऐसा दिल जीता कि उनके सामनेे अच्छे-अच्छे पढ़े लिखे प्रत्याशी औंधे मुंह गिर पड़े। वार्ड नंबर 17 पीर बहोड़ा से बीजेपी ने बीएमएस डॉक्टर अजय सक्सेना को चुनाव मैैदान में उतारा लेकिन वह मतदाताओं की नब्ज टटोलने में नाकाम रहे। उन्हें सपा के अंगूठा छाप प्रत्याशी बाबू ने हरा दिया।
वार्ड 36 जौहरपुर से भाजपा की निरक्षर प्रत्याशी सुदामा देवी ने स्नातक प्रत्याशी सुमन यादव को हरा दिया। सुमन निर्दलीय चुनाव लड़ी थीं। वार्ड 37 से जावित्री देवी चुनाव जीती हैं। वह पांचवीं तक पढ़ी हैं। उनके मुकाबलेे सपा ने स्नातक बीना को मैदान में उतारा लेकिन मतदाताओं ने उन्हें नकार दिया। इस वार्ड से और भी कई उच्च शिक्षित प्रत्याशी थीं। इनमें गायत्री परास्नातक थीं। वार्ड 38 से कांग्रेस की निरक्षर प्रत्याशी शाहजहां ने परास्नातक दीपा मौर्या को हरा दिया। 39 कांकरटोला में भी यही हाल रहा। यहां सपा की निरक्षर तबस्सुम नफीस ने कांग्रेस की परास्नातक प्रत्याशी रूबाबा अफरोज को मात दी। वार्ड 42 चौधरी मोहल्ला में कक्षा पांच तक पढ़ीं सपा की अनीता देवी ने परास्नातक तक पढ़े कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह को हराया। वार्ड 71 में परास्नातक आप प्रत्याशी बेबी शैली निरक्षर निर्दलीय प्रत्याशी नर्गिस से हार गईं। वार्ड 80 रबड़ी टोला में भी मतदाताओं ने स्नातक और परास्नातक प्रत्याशियों को नकारकर निरक्षर जुबैदा बी को चुना। रबड़ी टोला वार्ड के लोगाें का कहना है कि उन्हाेंने ऐसे प्रत्याशी को वोट दिया जो उनके सुख दुख का साथी है।
ये है निगम की सरकार
शैक्षिक योग्यता पार्षद
स्नातक, परास्नातक 23
इंटरमीडिएट 14
हाईस्कूल 10
आठवीं 12
प्राइमरी 07
निरक्षर 10
दीनी तालीम 04