अबुधाबी में हुए हमले
सिविल लाइंस के सैयद मुगीज मंजर के भाई सैयद वामिश और बहन सैयदा शाजिया दुबई में हैं। उन्होंने बताया कि जहां वह लोग हैं, वहां से 50 किलोमीटर दूर अबुधाबी में हमले हुए हैं। सिविल लाइंस की ही निदा की बहन जुबीं और आरिश का निकाह कुछ दिनों पहले दुबई में हुआ है। निदा ने बताया कि उनके वालिद समेत परिवार के कई लोग अभी दुबई में हैं। फ्लाइट कैंसिल होने से ये लोग फंस गए हैं। सबकी सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं।
हालात बेकाबू हुए तो बंकर में लेंगे शरण
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र अश्विनी कुमार यादव ने बताया कि वह बहरीन के मनामा शहर में शैफ के तौर पर काम कर रहे हैं। वहां अल जुफेर के आर्मी कैंप पर गोलाबारी हो रही है। ऐसे हालात में यहां से निकला भी नहीं जा सकता। फिलहाल अब तक सुरक्षित हैं। अगर हालात बेकाबू होंगे तो यहां बंकर भी बने हैं। रुहेलखंड विवि के पूर्व छात्र रहे असीम मलिक ने बताया कि वह इस समय शारजाह में परिवार के साथ हैं। वहां से व्हाट्सएप कॉल भी नहीं हो पा रही है। सभी हालात ठीक होने की दुआ कर रहे हैं।
गर्म रहा चर्चाओं का बाजार
शहर में दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई के निधन की खबर से लोग हैरत में रहे। गलियों से लेकर नुक्कड़ और चाय-पान के खोखों तक हर जगह बातचीत का मुद्दा यही रहा। नमाज पढ़कर मस्जिदों से बाहर निकलते लोग भी इसी चर्चा में मशगूल रहे। सब अपने-अपने कयास और तर्क देते रहे। कोई जंग लंबी खिंचने की बात कह रहा था तो किसी ने इसे विश्वयुद्ध का संकेत बताया। कुछ लोगों ने मंहगाई बढ़ने का भी अंदेशा जताया। चर्चा इस बात की भी रही कि दुनिया का कौन सा देश किसके साथ जा सकता है? शाम को शिया समाज ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ मार्च निकाला।