नहीं थी अग्निशमन विभाग की एनओसी
सीएफओ चंद्रमोहन शर्मा ने बताया कि मौके पर आग लगने जैसे संकेत नहीं मिले हैं। अवैध फैक्टरी के संचालक ने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी नहीं लिया था। फैक्टरी का संचालन इतनी संकरी गली में किया जा रहा था कि वहां पर एनओसी दी ही नहीं जा सकती है।
बाकरगंज में मांझा बनाने की फैक्टरी अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। वहां गंधक-पोटाश का मिश्रण तैयार करने के दौरान हुए धमाके में तीन लोगों की मौत हुई है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। -अनुराग आर्य, एसएसपी
पुलिस हादसे का कारण पता करने के लिए जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसे हादसे न हों। मांझा निर्माण में सावधानी बरतने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।- रविंद्र कुमार, डीएम