कई बंटवारे के वक्त यहां आईं थीं
जिले में कई ऐसी महिलाएं अब बुजुर्ग हो चली हैं जो बंटवारे के वक्त अपने माता-पिता के साथ पाकिस्तान से यहां आई थीं। बरसों से इन्होंने नागरिकता के लिए आवेदन कर रखा है। तर्क दिया है कि उनके पति व बच्चे हिंदुस्तानी नागरिक हैं तो उन्हें भारतीय नागरिकता क्यों नहीं दी जा रही है। वहीं, कुछ महिलाएं ऐसी हैं जो पहले भारतीय थीं और पुरानी रिश्तेदारियों में परिजनों ने उनकी शादी पाकिस्तान में कर दी।
बारादरी इलाके में सबसे ज्यादा पाकिस्तानी
- बारादरी : 14
- प्रेमनगर : 7
- कोतवाली : 6
- कैंट : 2
- किला : 2
- नवाबगंज : 2
- इज्जतनगर : 1
- बिशारतगंज : 1