बरेली। बरेली कॉलेज में मंगलवार को द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं अव्यवस्था के बीच शुरू हुईं। परीक्षा के पहले दिन ही छात्रों को एक सीट पर तीन से चार की संख्या में बैठाया गया। बिजली गुल होने पर छात्रों ने हूटिंग शुरू कर दी, जिससे स्थिति बिगड़ गई। प्रथम पाली में 1200, द्वितीय पाली में 1400 और तृतीय पाली में करीब तीन सौ छात्रों ने परीक्षा दी।
नियमानुसार एक सीट पर दो परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए थी। हालांकि, ऐन मौके पर कई ऐसे विद्यार्थी भी पहुंचे जिनके परीक्षा फॉर्म एक-दो दिन पहले ही भरे गए थे। इन विद्यार्थियों की एनआर में भी कोई सूचना नहीं थी। मंगलवार को दोपहर 12 बजे परीक्षा शुरू हुई, जिसके कुछ देर बाद बिजली चली गई। इससे पूरे कमरों में अंधेरा हो गया और जनरेटर चलने तक पांच से दस मिनट तक अव्यवस्था बनी रही। कक्षा में बैठे छात्र-छात्राओं ने जोर-जोर से हूटिंग करना शुरू कर दिया। कक्ष निरीक्षकों के लिए व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया। इसके बाद परीक्षा प्रभारी और वरिष्ठ अधीक्षक को मौके पर बुलाना पड़ा, जिसके बाद स्थिति काबू में आई।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. एके सिंह ने कहा कि द्वितीय पाली की परीक्षा का यह पहला दिन था। बैठने का प्रबंध एक सीट पर 80-80 छात्रों के अनुसार किया गया था। हालांकि, अधिक विद्यार्थी आने और शिक्षकों की संख्या कम होने के कारण उन्हें इधर-उधर नहीं बैठाया जा सका। इसलिए एक-दो सीट पर तीन-चार विद्यार्थी बैठे हो सकते हैं।
शिक्षकों ने परीक्षा भवन में शौचालय की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि शौचालय जाने का कोई आम रास्ता नहीं है। इससे एक विद्यार्थी को पूरे कमरे से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे परीक्षा में व्यवधान उत्पन्न होता है।