बरेली/मीरगंज। बच्चा चोर गिरोह की सरगना निजी मेडिकल कॉलेज की नर्स सीता ने कुछ ही साल में काफी रुपया और रसूख कमा लिया है। गिरफ्तारी के बाद से सीता फिलहाल जेल में है, लेकिन उसकी कमाई को लेकर गांव व आसपास के इलाके में चर्चाएं तेज हैं। अब सीता व अन्य आरोपियों की संपत्ति की जांच भी शुरू हो गई है।
मीरगंज के रसूलपुर गांव निवासी सीता बच्चों की खरीद फरोख्त के धंधे में कई साल से लिप्त बताई जा रही है। उसकी शादी बदायूं जिले के दातागंज इलाके के निवासी मनोज चौहान से हुई, लेकिन वहां भी वह ज्यादा समय नहीं रही। उसने मायके में ही जमीन लेकर आलीशान घर बनाया है। उसने अपनी कमाई से स्कार्पियो कार खरीदी है, जिसे उसका पति चलाता है। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने गांव का जायजा लिया तो ग्रामीणों ने परिवार के बारे में कई जानकारियां दीं लेकिन नाम बताने से गुरेज किया।
बताया कि सीता ने रसूलपुर के अलावा पास के गांव गूला और मुगलपुर में भी काफी जमीन खरीदी है। उसके दो बच्चे हैं जो बरेली के प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ते हैं। निजी मेडिकल कॉलेज में मामूली वेतन पर काम करने वाली नर्स के पास इतनी संपत्ति और महंगे खर्चों को देखकर ग्रामीण भी हैरत में थे। हालांकि सीता ने उन्हें बता रखा था कि वह बच्चा गोद दिलाने का भी काम करती है।
विश्वास ने हाईवे पर बनाया अस्पताल
- बच्चा चोर गिरोह के सदस्य डॉ. संजय विश्वास ने भी अच्छी संपत्ति बनाई है। सूत्र बताते हैं कि उसने सीतापुर में नेशनल हाईवे स्थित उदरौली में स्वर्णलता मेमोरियल अस्पताल संचालित कर रखा है। इसमें मुख्य डॉक्टर के रूप में वह खुद बैठता है जबकि कुछ और डॉक्टर भी साथ बैठते हैं। वह अपनी पास बीएचएमएस की डिग्री बताता है लेकिन डिग्री की सत्यता पर संदेह है।