बरेली। भोजीपुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत अटापट्टी में मनरेगा के कार्यों में 10.13 लाख के घोटाले का खुलासा लोकपाल ने अक्तूबर में किया था। उन्होंने बीडीओ, लेखाकार, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, प्रधान, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक से रिकवरी की संस्तुति भी कर रखी है। इन लोगों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई और एफआईआर भी दर्ज कराने की सिफारिश की है। इसके बाद प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए डीएम ने दो नवंबर को एडीएम न्यायिक देश दीपक सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी। यह समिति आज तक डीएम को जांच रिपोर्ट नहीं दे पाई है।
डीसी मनरेगा भी इस घोटाले से बेखबर रहे। डीएम ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा तो आधा-अधूरा जवाब दे दिया। डीएम उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद डीएम ने एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई। इसमें पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता भगत सिंह व कोषाधिकारी विश्वबंधु गौतम शामिल हैं। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन भगत सिंह ने बताया कि गांव में संबंधित कार्यों को देखा गया है। कार्य कराए गए हैं, मिट्टी के कार्य दो-तीन साल पुराने हैं। जांच रिपोर्ट एक-दो दिन में भेज देंगे। संवाद
अटापट्टी गांव में हुए घोटाले के संबंध में स्थलीय जांच कर ली गई है। एक-दो दिन में रिपोर्ट डीएम के समक्ष प्रस्तुत कर दी जाएगी। - विश्वबंधु गौतम, कोषाधिकारी