जाटवपुरा में पांच सगे भाई ओमकार, सुरेश, गिरीश, रामगोपाल और राजपाल के परिवार पहले एक ही मकान में साथ रहते थे। मकान अचानक गिरने से पांचों परिवार का कीमती सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त घर में कोई नहीं था।
पड़ोसी मकानों पर खतरा, सर्वे कराने की मांग
मकान गिरने से आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। आजमनगर में ढहे मकान के बराबर वाले मकान की दीवारों में दरारें आ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश जारी रहने पर यह मकान भी खतरे की जद में आ सकता है। इससे आसपास के लोगों में दहशत है।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम को मकान गिरने की सूचना दी। आरोप लगाया कि सूचना के बाद भी नगर निगम की टीम मौके पर नहीं पहुंची। लोगों को खुद मजदूरों की मदद से मलबा हटाना पड़ा। शहर के पुराने और जर्जर मकानों का सर्वे कराने की मांग की गई है।
रामगंगानगर में सीवर लाइन व सड़क धंसी
रामगंगानगर सेक्टर चार में भारी बारिश के कारण श्रेया पटेल के घर के सामने नाली, सीवर लाइन और सड़क धंस गई है। इससे उनके मकान के लिए खतरा पैदा हो गया है। श्रेया ने बीडीए कार्यालय में पत्र देकर नाली, सीवर और सड़क दुरुस्त कराने की मांग की है।