सुनसान मार्ग पर रातभर पड़े रहे तीनों शव
घर से हंसी खुशी मंदिर के लिए निकले बाइक सवार तीन दोस्तों की हादसे में मौत के बाद उनके शव पूरी रात मार्ग के किनारे ही पड़े रहे। परिजनों का कहना है कि रात में सभी लोग पर्व की खुशियां मना रहे थे। पूजा-अर्चना के बाद लोग देर रात तक पटाखे छोड़ने में जुटे रहे। गांव में भी यही माहौल था। देर रात तक तीनों जब घर नहीं लौटे तो परिजन चिंतित हुए।
आसपास लोगों से जानकारी करने के बाद तलाश शुरू की गई, लेकिन तीनों का कोई सुराग नहीं लग सका। सुबह तीनों के शव मार्ग के किनारे पड़े होने की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि महोफ मार्ग पर वन्यजीवों के खतरे के चलते लोग रात में कम आवाजाही करते हैं। इसके अलावा यह सड़क जंगल के लिए जाती है। इस वजह से अक्सर सन्नाटा ही रहता है।
प्रदीप की नौ माह और शिव कुमार की एक वर्ष पूर्व हुई थी शादी
प्रदीप कुमार की नौ माह पूर्व ही शादी हुई थी। हादसे के बाद पत्नी पिंकी का रो रोकर बुरा हाल था। जबकि शिव कुमार की शादी एक वर्ष पूर्व हुई थी। पत्नी किरन के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। वहीं गिरीश कुमार की करीब आठ साल पूर्व शादी हुई थी। उसके परिवार में पत्नी रेखा देवी के अलावा सात वर्षीय पुत्र मोहित, पांच वर्षीय पुत्री मोहनी है। गिरीश की मौत से परिवार के पालन-पोषण का सवाल खड़ा हो गया है। तीनों दोस्त मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे।