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UP News: छत्तीसगढ़ की महिला से बरेली के तीन शातिरों ने की साइबर ठगी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Fri, 21 Mar 2025 11:04 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

स्मैक तस्करी के साथ ही बरेली का नाम साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट से भी जुड़ने लगा है। छत्तीसगढ़ से आई पुलिस यहां से तीन शातिरों को पकड़ कर ले गई है। 
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साइबर ठगी के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली शहर से सटे इलाके के निवासी शातिरों ने छत्तीसगढ़ की महिला को 70 हजार रुपये का चूना लगा दिया। छत्तीसगढ़ पुलिस ने साइबर थाना पुलिस के सहयोग से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ ले गई। छत्तीसगढ़ के जिला बलरामपुर के थाना बसंतपुर की पुलिस ठगी के मुकदमे में आरोपियों की तलाश में बृहस्पतिवार को बरेली आई थी।

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छत्तीसगढ़ पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार को साइबर थाना पुलिस के सहयोग से इज्जतनगर के महलऊ निवासी साकिब, रहपुरा चौधरी भीम मार्केट निवासी रिजवान अहमद और सीबीगंज के भिंडौलिया निवासी रिफाकत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के लिए टीम इन्हें स्थानीय साइबर थाने लाई थी। पूछताछ के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर मेडिकल कराया और उन्हें न्यायालय में पेश किया। ट्रांजिट रिमांड पर तीनों को अपने साथ छत्तीसगढ़ ले गई। स्थानीय पुलिस साइबर ठगों की कुंडली खंगाल रही है।

बेटे के दुष्कर्म में फंसने की बात कहकर ठगी की 
साइबर ठगों ने छत्तीसगढ़ के जिला बलरामपुर के थाना बसंतपुर निवासी जानकी प्रसाद कुशवाह से ठगी की थी। साइबर थाना पुलिस के मुताबिक पिछले साल जानकी प्रसाद के नंबर पर कॉल की गई थी, जिसे उनकी पत्नी ने रिसीव किया था। ठगों ने बताया था कि तुम्हारा बेटा सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फंस गया है। अगर मामला रफा दफा करना चाहते हो तो हम पुलिसवालों के खाते में रुपये भेज दो। 
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बताते हैं कि कई लाख रुपये की मांग की गई थी जो 70 हजार रुपये पर आकर खत्म हुई। जानकी प्रसाद का बेटा देहरादून के कॉलेज में पढ़ता था। इसलिए उनकी पत्नी ठगों को देहरादून पुलिस मानकर रुपये डाल बैठी थीं। उन्होंने यह रकम आरोपियों के खाते में ट्रांसफर कर दी थी। जानकी प्रसाद ने बसंतपुर थाने में ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि आरोपियों के स्थानीय लिंक तलाशे जाएंगे। 

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