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Bareilly News: नशे की दवाओं की तस्करी में पिता-पुत्र सहित तीन आरोपी गिरफ्तार, रुद्रपुर का है मुख्य तस्कर

Thu, 27 Mar 2025 12:10 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र में बैग लेकर दो युवक खड़े थे। मुखबिर की सूचना पर जब पुलिस वहां पहुंची तो भागने लगे। पुलिस ने दौड़ाकर दोनों को पकड़ लिया। आरोपियों से पूछताछ में नशे की दवाओं की तस्करी का खुलासा हुआ। 
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तस्करी के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में जीवनरक्षक और उपयोगी दवाओं को नशे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसी ही दवाओं की तस्करी कर रहे पिता-पुत्र समेत तीन तस्करों को इज्जतनगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनमें मुख्य तस्कर वीरेंद्र उत्तराखंड के रुद्रपुर का निवासी है।

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मंगलवार रात इज्जतनगर थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह को सूचना मिली कि मिनी बाइपास पर निर्माणाधीन नए बस अड्डे के पास नशे के इंजेक्शन की डिलीवरी दी जा रही है। पुलिस मौके पर पहुंची तो दो युवक खड़े मिले, जो भागने लगे। पुलिस ने पकड़कर पूछताछ की तो एक ने अपना नाम कर्मचारी नगर (इज्जतनगर) निवासी रिषभ गंगवार और दूसरे ने रुद्रपुर के थाना किच्छा के बंडिया भट्ठा निवासी वीरेंद्र सिंह बताया। रिषभ ने पुलिस को बताया कि पिता इंद्रदेव के कहने पर वह बैग में आठ पैकेट एविल इंजेक्शन लाया था, इसमें 200 इंजेक्शन हैं। 

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वहीं 125 इंजेक्शन उसने वीरेंद्र को दिए हैं। बैग में रखे 200 इंजेक्शन किसी अन्य तस्कर को देने हैं। दोनों ने बताया कि वह इंजेक्शन में मिलाने वाली गोली भी साथ लेकर आए थे, जिसे ज्यादा नशे के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वीरेंद्र के पास से पुलिस ने 125 एविल इंजेक्शन, ऐल्प्रैसेफ टेबलेट के 13 पत्ते और क्लोनाजेपम टेबलेट का एक पत्ता बरामद किया। 

पुल पर दबिश देकर पकड़ा
रिषभ से पूछताछ कर जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने उसके पिता इंद्रदेव गंगवार के बारे में जानकारी जुटाई। दोनों के मोबाइल भी कब्जे में कर लिए। रिषभ के मोबाइल पर इंद्रदेव की कॉल आ रही थी। पुलिस ने रिषभ की निशानदेही पर मिनी बाइपास के पुल पर इंद्रदेव को हिरासत में ले लिया। 

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इंद्रदेव से पुलिस ने एविल के 300 इंजेक्शन, 10 ऐल्प्रैसेफ टेबलेट के पत्ते और एक क्लोनाजेपम टेबलेट का पत्ता बरामद किया। पुलिस के अनुसार इन दवाओं को बिना डॉक्टर के पर्चे के बेचना गैरकानूनी है। इसलिए दवाओं को नशेड़ियों तक पहुंचाने पर मोटी कीमत मिल जाती है। तीनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ इज्जतनगर थाने में एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज किया गया है।
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उत्तराखंड के तस्कर ने बताया धंधे का तरीका
इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह ने पूछताछ की तो वीरेंद्र ने बताया कि वह प्रतिबंधित इंजेक्शन और दवा खरीदकर दोगुने दाम पर उत्तराखंड ले जाकर बेच देता है। एविल इंजेक्शन का इस्तेमाल एलर्जी में किया जाता है। वहीं ऐल्प्रैसेफ और क्लोनाजेपम टेबलेट का इस्तेमाल पैनिक डिसऑर्डर और तनाव वाली बीमारी में किया जाता है। तस्कर एविल इंजेक्शन को नशीला बनाने के लिए उसमें ऐल्प्रैसेफ और क्लोनाजेपम की टेबलेट पीसकर मिलाते हैं। इसके बाद नसों में सिरिंज के जरिये इसे लगाया जाता है।

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि उत्तराखंड और बरेली के तस्करों का नेटवर्क तोड़ने के लिए पुलिस लगी है। इसमें निगरानी और दबिश की प्रक्रिया सतत रूप से जारी है। नशा व तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी। 
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