रेलवे स्टेशनों पर डंप पड़ी डाक विभाग के लिए सिरदर्द बन गई है। डाक विभाग के अफसर खामियां छिपाने के लिए इसे कर्मचारियों की लापरवाही मान रहे हैं। दो कर्मचारियों के निलंबन के बाद अब मंगलवार को तीन और कर्मियों को सस्पेंड कर दिया जबकि सात को जिले से बाहर भेज दिया गया है।
रेलवे स्टेशनों पर डाक के डंप होने से कई युवाओं की परीक्षा के प्रवेश पत्र और राखियां नहीं पहुंच पाई है। रेल मेल सेवा (आरएमएस) ने बरेली, शाहजहांपुर और मुरादाबाद रेलवे स्टेशनों पर दो सप्ताह तक डाक से भरे बैग निस्तारित नहीं किए। अमर उजाला ने जब इस मामले को प्रमुखता से उठाया तो पीएमजी ऑफिस हरकत में आया था। सोमवार दोपहर पीएमजी आरबीके सिंह ने रेलवे जंक्शन में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने डाक से भरे बैगाें का तेजी से निस्तारण करने के निर्देश दिए। इसके बाद आला अफसर रेलवे जंक्शन पर दौड़े और डाक को रवाना करने का काम शुरू हुआ। सोमवार को ही पीएमजी कार्यालय ने सहायक अधीक्षक (आरएमएस) रवि कुमार सिंह और प्रधान अभिलेख कृपा शंकर शर्मा को सस्पेंड कर दिया था। मंगलवार को लिपिक वीके मिश्रा, राजेश सक्सेना, एसपी सिंह गंगवार के खिलाफ कार्रवाई की गई। विनीत चतुर्वेदी, ओपी भास्कर, रमेश प्रकाश को बरेली से मुरादाबाद और नितिन सागर, वैभव गुप्ता, नितिन चौधरी को मुरादाबाद से बरेली तबादला किया गया।
उपभोक्ता फोरम में जाने की तैयारी
आवेदन पत्र, राखी और नौकरी से संबंधित स्पीड पोस्ट के डंप होने और पोस्ट मास्टर जनरल कार्यालय के समय रहते संज्ञान न लेने पर लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि डाक विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था में रुचि नहीं दिखायी। इससे हजारों लोग नौकरी ज्वाइन करने नहीं पहुंचे और साक्षात्कार में शामिल नहीं हो पाए। मनोहर भूषण इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज सक्सेना ने कहा कि मुंबई में रह रहे अपने बेटों के लिए 14 अगस्त को सिटी पोस्ट आफिस से स्पीड पोस्ट से बुक कराया है। अब तक उनकी डाक नहीं पहुंची है। कोई सुनने को भी तैयार नहीं है। कुछ लोगों ने उपभोक्ता फोरम और अदालती कार्रवाई करने का मन बनाया है।
यूनियन नाराज, प्रदर्शन का एलान
डाक और आरएमएस कर्मचारी संगठनों ने कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। संगठन का कहना है कि डाक न बांटने के लिए पीएमजी कार्यालय दोषी है। यदि निलंबन वापस नहीं हुआ तो 30 अगस्त को धरना-प्रदर्शन होगा।