राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने साढे़ तीन साल बाद बारादरी में नाबालिग से गैंगरेप के मामले में सीबीसीआईडी को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इस मामले में पीड़ित परिवार बरेली पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं था। किसी और एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई थी। आयोग के निर्देश पर शासन से जांच मिलने पर सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर राकेश पांडेय ने पीड़िता को तलाशते रहे, लेकिन वह नहीं मिलीं।
बारादरी इलाके में जून, 2013 में एक महिला ने मकान मालिक के तीन बेटों पर अपनी सात वर्षीय बेटी से गैंगरेप का आरोप लगाया था। पीड़िता के तहरीर देने के बावजूद बारादरी पुलिस ने एक नहीं सुनी थी। महिला ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से शिकायत कर इंसाफ मांगा तो वहां से एसएसपी को मामले की जांच कराकर रिपोर्ट मांगी गई थी। तत्कालीन सीओ असित श्रीवास्तव और एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा ने जांच के बाद आयोग को रिपोर्ट भेज दी थी। इसमें कहा गया था कि मकान मालिक से विवाद होने पर महिला ने बेटी के साथ गैंगरेप का आरोप लगा दिया था। आयोग ने पुलिस की रिपोर्ट से पीड़िता कोे अवगत कराया, जिससे वह संतुष्ट नहीं हुई। उसने कहा कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है, इसलिए जांच किसी दूसरी एजेंसी से करा ली जाए। इस पर आयोग ने शासन को मामले की जांच किसी दूसरी एजेंसी से कराकर कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए। शासन के निर्देश पर सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर राकेश पांडेय ने जांच शुरू कर दी है। सोमवार को उन्होंने महिला सिपाही के साथ पीड़िता के घर पहुंचकर तलाश की। पता लगा कि वह आरोपियों के घर से ही थोड़ी दूर पर दूसरे मकान में किराए पर रहकर घरों में काम करती है। उससे मुलाकात नहीं हो पाई। मंगलवार को पीड़िता के बयान होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।