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Bareilly News: डिजिटलाइजेशन और प्रशिक्षण की कमी से जूझ रहे हजारों विद्यार्थी

Wed, 21 Oct 2026 12:03 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। बरेली कॉलेज में दिसंबर में प्रस्तावित नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल) मूल्यांकन भले ही टल गया हो, लेकिन संस्थागत कमियों पर पर्दा डालना मुश्किल है। नैक के कुल 300 अंकों में से 100 अंक अकेले पुस्तकालय की गुणवत्ता पर निर्भर करते हैं। इसके बावजूद कॉलेज का केंद्रीय पुस्तकालय डिजिटलाइजेशन, बजट और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। इसका सीधा असर हजारों विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ रहा है।
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कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, पुस्तकालय में उपलब्ध 75 हजार से अधिक पुस्तकों के पूर्ण डिजिटलाइजेशन के लिए लगभग 30-35 लाख रुपये के बजट और तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों की आवश्यकता है। हालांकि, वर्तमान में प्रशिक्षित स्टाफ परीक्षा, प्रवेश और छात्रवृत्ति शाखाओं में संबद्ध है, जबकि पुस्तकालय तीन कर्मचारियों के सहारे चल रहा है।
वहीं, डिजिटल शोध सामग्री (डेलनेट व एनलिस्ट) के क्रेडेंशियल (यूजर आईडी/पासवर्ड) सार्वजनिक नहीं होने से हजारों विद्यार्थी इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। ओपैक (ऑनलाइन पब्लिक एक्सेस कैटलॉग) सिस्टम लगा है, जिससे विद्यार्थियों को पुस्तकें खोजने में आसानी हो। लेकिन, नवप्रवेशित विद्यार्थियों को इसका प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। यूजर एजुकेशन प्रोग्राम के अंतर्गत इसके उपयोग के लिए दाखिले के कुछ दिनों में ही विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। साथ ही, पुस्तकों की कमी दूर करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार, हर सेमेस्टर व पाठ्यक्रम के प्रत्येक विषय की 20-20 किताबों का ऑर्डर अगस्त में दिया गया था, लेकिन उपलब्धता अब तक नहीं है।
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भौतिक ढांचा दुरुस्त करने की कसरत तेज -
नैक प्रभारी वंदना शर्मा ने बताया कि पुस्तकालय के लिए इस समय सबसे आवश्यक उसकी छत है, जिसकी मरम्मत कराई गई है। डिजिटलाइजेशन प्रोसेस में है। वहीं, विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर 20-25 मेज-कुर्सियों को मंगाया गया है। पुस्तकालय में मात्र एक सेमेस्टर की किताबें थीं। सुविधा के लिए किताबें भी मंगाई गई हैं। जो कर्मचारी डिजिटलाइजेशन के लिए प्रशिक्षित हैं, उनको भी पुस्तकालय में जल्द शिफ्ट करने की तैयारी है। अब तक परीक्षा, प्रवेश और छात्रवृत्ति का कार्य दबाव अधिक होने के कारण सभी कर्मचारियों से संयुक्त रूप से काम कराया जा रहा है। इस कारण समस्या है।
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