बरेली जिले में 85 साल की गंगादेई समेत हजारों बुजुर्ग अपनी वृद्धावस्था पेंशन के लिए 30-35 किलोमीटर तक का सफर तय कर समाज कल्याण कार्यालय पहुंचने को मजबूर हैं। कई बुजुर्गों को चार माह से लेकर तीन साल तक पेंशन नहीं मिली है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले के करीब 84 हजार पेंशनरों को प्रतिमाह 1000 रुपये के हिसाब से तिमाही 3000 रुपये मिलते हैं। पेंशन न मिलने के मुख्य कारणों में एनपीसीआई से जुड़ी दिक्कतें, आधार का खाते से लिंक न होना और अभिलेखों की कमी बताई जा रही है। विभागीय कर्मचारी केवल जल्द पेंशन मिलने का आश्वासन देकर बुजुर्गों को लौटा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी दिशा की बैठक में ब्लॉकों में शिविरों की समय पर सूचना न मिलने का मुद्दा उठाया था। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर पांडेय ने बताया कि ब्लॉकों में शिविर लगाए जाते हैं और पेंशन न मिलने का कारण अभिलेखों में कमी हो सकती है।
बुजुर्गों की आपबीती
जलालपुर के पनवरिया निवासी 85 साल की गंगादेई की पेंशन तीन साल से नहीं आ रही है। वह अपने दिव्यांग पुत्र के साथ कार्यालय पहुंची थीं। फतेहगंज पश्चिमी के दइया निवासी 61 साल के चेतराम को 10 माह से पेंशन नहीं मिली है। सुरेश शर्मा नगर के 69 साल के किशन सिंह की पेंशन भी पांच माह से रुकी है।