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राशन कम मिलने से हजारों कार्डधारक परेशान, बगैर बताए काट दी गईं यूूनिट

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राशन के लिए लाइन लगाए खड़े लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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लॉकडाउन में गरीबों का बढ़ा दर्द, पूर्ति विभाग का कहना है कि रिपीट नाम ही काटे गए

बरेली। लॉकडाउन में खाली हाथ बैठे हजारों गरीब परिवार कोटे पर राशन कम मिलने से परेशान हैं। उपभोक्ताओं को पता भी नहीं चल रहा और उनके कार्डों से यूनिट कम कर दी गई हैं। ऐसे में दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज परिवारों का दर्द और बढ़ गया है। हालांकि पूर्ति विभाग का कहना है कि एक व्यक्ति के दो नाम अलग-अलग जगहों पर दर्ज थे। ऐसे रिपीट नामों को ही हटाया गया है।
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एक अप्रैल से कोटे की दुकानों पर अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के तहत करीब नौ लाख कार्डधारकों को राशन का वितरण किया जा रहा है। इसमें तमाम जगहों से कार्डधारकों ने यह शिकायत की है कि जब वह कोटे पर राशन लेने गए तो उन्हें पता चला कि उनके कार्ड से कई यूनिट काट दी गई है। इस वजह से मिलने वाले राशन में भी काफी कटौती कर दी गई है। कार्डधारकों की शिकायतें है कि कोटेदार पहले ही दो-तीन किलो राशन कम देता था। अब यूनिट कटने से राशन की मात्रा और भी कम हो गई है। बाकरगंज, बारीनगला, किला, सुभाषनगर, संजयनगर सहित कोटे की कई दुकानों के उपभोक्ताओं ने इसकी शिकायत पूर्ति और प्रशासन के अधिकारियों से की है। हालांकि सप्लाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में 99 हजार अंत्योदय और करीब आठ लाख पात्र गृहस्थी के राशनकार्ड हैं। हाल में इन राशनकार्डों की जांच कराई गई थी, जिनमें करीब 7000 हजार नाम ऐसे मिले थे, उनके दो जगहों राशनकार्डों में अलग-अलग नाम दर्ज थे। ऐसे लोगों को चिह्नित करके उनके नाम हटाए गए हैं।
अब काफी हद तक अप्रैल का राशन वितरित हो चुका है। जहां तक कार्डों से यूनिट कम होने की बात है तो जिनके नाम दो जगहों पर दर्ज थी, उन्हें ही हटाया गया है। -सीमा त्रिपाठी, जिला पूर्ति अधिकारी

महिलाओं ने शिकायत की.. कार्ड से मेरे बच्चों के नाम काट दिए

बाकरगंज में रेलवे फाटक के पास कोटेदार के यहां मौजूद लोगों ने कार्ड से कई यूनिट काटने की शिकायत की। महिला जागृति मंच की अध्यक्ष मनु नीरज के पहुंचने पर कार्डधारकों ने इसकी लिखित आपत्ति भी दी है। विमलादेवी ने बताया कि कार्ड से उनके दोनों बच्चों के नाम काट दिए गए हैं। मल्लो देवी, कमलेश ने भी कार्ड में कई सदस्यों के नाम हटा देने की शिकायतें की। मनु नीरज ने बताया कि उन्होंने इस बारे में कोटेदार बलवीर सिंह से पूछा लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उनका कहना है कि वह जल्द ही इस बारे में डीएम और डीएसओ से भी बात करेंगी।

ऑनलाइन आवेदन करने वाले 2000 लोगों को भी मिलेगा राशन

राशनकार्ड के लिए शासन की वेबसाइट पर करीब दो हजार लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। लॉकडाउन में राहत देते हुए पूर्ति विभाग ने इन्हें राशन देने का फैसला लिया है। डीएसओ सीमा त्रिपाठी ने बताया कि इन्हें पर्ची पर राशन दिया जाएगा। इनके लिए कार्ड शासन से बाद में आएंगे।

किला छावनी से भी राशन कम देने की शिकायतें

किला छावनी से भी कई कार्डधारकों ने अधिकारियों से शिकायत की है कि उन्हें कम राशन दिया जा रहा है। पहले एक यूनिट पर तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल मिलता था, उनकी मात्रा भी घटाकर दी जा रही है।

भीड़ कम हुई लेकिन खतरा अभी बरकरार

एक अप्रैल से कोटे की दुकानों पर राशन वितरण हो रहा है। इसलिए कोटे की दुकानों पर पहले के मुकाबले भीड़ छंटने तो लगी है, लेकिन कई और जगहों पर लोगों से एक-दूसरे के बीच पर्याप्त दूरी न बनाए रखने पर संक्रमण का खतरा अभी भी बना है। बाकरगंज, ईदगाह, बारीनगला, संजयनगर सहित कई जगहों पर अभी भी सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हो रहा है।

कालीबाड़ी की महिलाओं ने राशन न मिलने की शिकायत की

कालाबाड़ी की प्रीतम, मुन्नी देव, मनषादेवी सहित कई महिलाओं ने शिकायत की कि कोटेदार उन्हें राशन नहीं दे दहा है। कई दिनों से चक्कर काट रही हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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