This time special for diabetes and heart patients Gujiya
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
शुगर और दिल के मरीज इस होली में खूब खा पी सकते हैं। शुगर फ्री मिठाई तो है ही इस बार बेकरी की गुझिया का लुत्फ उठा सकते हैं। मावा और ड्राई फ्रू ट्स से भरी गुझिया कुछ खास महंगी भी नहीं है। इसके साथ नमकीन भी कम चिकनाई वाले मौजूद हैं। बाजार में खानपान के गिफ्ट पैक की भरमार है। इसमें जूस, कोल्डड्रिंक, बिस्कि ट, नमकीन, गुलाल पैक किया गया है।
बड़ा बाजार, कुतुबखाना, सिविल लाइंस, शहामतगंज, राजेंद्रनगर, सुभाषनगर समेत सभी प्रमुख बाजारों में होली गिफ्ट की भरमार है, लेकिन बेकरी की सिकी हुई गुझिया आकर्षण पैदा कर रही है। हालांकि यह सिर्फ कुछ चुनिंदा दुकानों पर ही मिलेगी। सिविल लाइंस स्थित कुछ दुकानों पर उपलब्ध ये गुझिया चिकनाई से परहेज करने वालाें को पसंद आएगी। गुझिया में ड्राई फ्रूट मावा के साथ भरा गया है। इसकी डिजाइन भी देखने में आकर्षक है। राहुल खंडेलवाल बताते हैं कि दिल के मरीज चिकने खाद्य पदार्थों से बचते हैं। बेकरी से सिकी गुझिया बेहिचक खा सकते हैं, हालांकि शुगर फ्री मिठाईयों की रेंज भी बाजार में मौजूद है। नमकीन कारोबारी प्रदीप देवनानी बताते हैं कि इस बार होली पर गिफ्ट पैक की मांग ज्यादा है। ब्रांडेड नमकीन और मिठाईयां खरीदने वाले अधिक हैं। होली पर गुझिया के साथ नमकीन की जुगलबंदी है। मिठाई विक्रेता पंकज माहेश्वरी ने बताया कि गुझिया भी विभिन्न रेंज में 100 से लेकर 440 रुपए प्रति किलो में उपलब्ध है। गुझिया की कीमत घी, रिफाइंड और इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री पर निर्भर होती है।
अभी नहीं दिख रही है बाजारों में भीड़
होली के अभी एक सप्ताह शेष हैं, लेकिन बाजारों में भीड़ अभी उमड़ी नहीं है। पिचकारी विक्रेता दुकानदार संदीप अग्रवाल का कहना है कि बाजार में भीड़ चार से पांच दिन पहले ही होती है फिलहाल अभी हल्का माहौल है। हालांकि उनका कहना है कि नोटबंदी का कोई खास असर नहीं है इसलिए इस बार पिछले साल से अधिक कारोबार की उम्मीद है। ड्राई फ्रू ट विक्रेता संजय आनंद कहते हैं कि इस समय खुदरा व्यापारी सामान खरीदने में लगा है इसलिए सामान्य ग्राहकों की कमी है।
खोया बाजार में सन्नाटा
एफएसडीए के डर के चलते इस बार खोया बाजार में सन्नाटा जैसी स्थिति है। कारोबारी बताते हैं कि चेकिंग के नाम पर गांव से खोया लाने वालों को परेशान किया जाता है और वसूली होती है। खोया की बिक्री भी तीन चार दिन पहले ही ज्यादा होती है। इमरान कुरैशी का कहना है कि गांव से खोया इस बार कम आ रहा है। उम्मीद है कि आमद बढ़ेगी और ग्राहक आएंगे।