बरेली। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंटेलेक्चुअल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से पीलीभीत बाइपास स्थित एक लॉन में अखिल भारतीय मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
मुशायरे की शुरुआत शबीना अदीब के देशभक्ति गीत से हुई। उन्होंने अपने प्रभावशाली अंदाज में कहा- ये मोहब्बत की जमी है, ये शहीदों का वतन, ये वतन मेरा वतन, ये वतन मेरा वतन। जौहर कानपुरी ने कहा कि मुहल्ले वाले तुझे डर के कर रहे हैं सलाम, किसी के दिल में तेरा एहतराम थोड़ी है। जबकि शाइस्ता सना ने समाज के दर्द को उजागर करते हुए कहा कि हमने देखा है कि दो वक्त की रोटी के लिए, अब तो मां बाप का बंटवारा किया जाता है।
हास्य शायर अनगढ़ सम्भली ने अपनी शायरी से श्रोताओं को खूब हंसाया। इसके अलावा हिमांशी बाबरा, सुल्तान जहां, राहिल बरेलवी, हास्य कवि अनगढ़ सम्भली, मोहन मुंतजिर, श्रीदत्त शर्मा सहित कई प्रतिष्ठित शायरों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद फाजिल और सचिव डॉ. शकील अहमद ने किया। पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिस बेग और अध्यक्ष डॉ. अय्यूब अंसारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंसूर उस्मानी ने की। मंच संचालन का दायित्व डॉ. हिलाल बदायूंनी ने बखूबी निभाया। कार्यक्रम के अंत में सचिव डॉ. शकील अहमद ने सभी का धन्यवाद दिया। संवाद