बरेली। 41.6 डिग्री सेल्सियस तापमान और गर्म हवा की जुगलबंदी से शहर भट्ठी की तरह दहक रहा है। चिलचिलाती धूप में तवे की तरह तपती सड़कों पर पैर रखना दुश्वार हो गया है, लेकिन शहर के सरकारी कार्यालयों में आम लोगों के लिए दो घूंट पानी का भी इंतजाम नहीं है। न तो कहीं प्याऊ की व्यवस्था है, न ही हैंडपंप चालू हालत में हैं। यहां आने वाले लोग पसीने से तरबतर होकर बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। ऐसे में गांवों और कस्बों से आने वाले लोग पानी खरीदकर गला तर कर रहे हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में बुधवार को यह हकीकत सामने आई।
कचहरी के पास नहीं लगे हैं प्याऊ
कचहरी में रोज 55 हजार लोग अपने अलग-अलग काम को लेकर आते हैं। कचहरी के अंदर तो पानी की व्यवस्था है, लेकिन बाहर निकलते ही आप को खरीदकर ही पानी पीना पड़ेगा। यहां नगर निगम की ओर से भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। कुछ सामाजिक संगठनों ने कचहरी के आसपास प्याऊ लगे रखे हैं, लेकिन उनका पानी बहुत जल्दी समाप्त हो जाता है। ऐसे में मजबूरन लोगों को पानी खरीदना पड़ता है।
नगर निगम भी नाकाम
पूरे शहर को पानी पिलाने वाले नगर निगम में भी आम लोगों के लिए पानी का इंतजाम नहीं है। यहां रोज सैकड़ों फरियादी अपनी समस्याएं लेकर आते हैं, लेकिन अगर उनको प्यास लगे तो उन्हें प्यासे ही लौटना होगा। पूरे परिसर में एक भी वाटर कूलर नहीं लगा है।
सदर तहसील से प्यासे ही लौट रहे फरियादी
सदर तहसील परिसर में रोज करीब चार हजार फरियादी आते हैं, लेकिन यहां पानी का कोई इंतजाम नहीं है। गांव से आने वाले फरियादी बोतल में पानी साथ लाते है। गांव मिलन भगवंतापुर से आए किसान मंगली राम ने बताया कि वह जमीन संबंधी काम से आए हैं। गर्मी के चलते पानी की बोतल साथ लाए हैं, क्योंकि तहसील में पानी का कोई इंतजाम नहीं है।
तीन लाख का प्याऊ नहीं बुझा पा रहा प्यास
भीषण गर्मी में विभिन्न कार्याें के लिए सीएमओ कार्यालय पहुंचे लोग पानी के लिए जूझते दिखे। करीब तीन लाख की लागत से बना प्याऊ लोगों की प्यास नहीं बुझा पा रहा। प्याऊ से पानी भरने के लिए धूप में कतार लगी रही। तीमारदार मुकेश ने बताया कि दोनों टोटियों से बेहद पतली धार गिर रही है। एक लीटर की बोतल भरने में करीब पांच मिनट लग रहे हैं, इसलिए कतार लगी है।