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Bareilly News: चार साल से लड़ रहे थे तलाक का मुकदमा, अब रहेंगे साथ

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बरेली। तलाक के लिए चार से मुकदमा लड़ रहे दंपती अब साथ रहेंगे। शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में उनके बीच सुलह हो गई। इसके बाद मुकदमा निरस्त कर दिया गया। इस दौरान अलग-अलग कोर्ट ने 59 परिवारों को टूटने से बचाया।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में दंपती के मामले को सुनवाई के लिए रखा गया। महिला बरेली में ही शिक्षिका है। पति दूसरे जिले में जिला पंचायत कार्यालय में तैनात है। दोनों काम के चलते अलग-अलग जिलों में रहते। काम के चलते दूर रहने के चलते उनके रिश्ते में भी दूरियां आ गईं।
वर्ष 2022 में नौबत तलाक तक पहुंच गई। इसके बाद महिला ने मुआवजे के लिए वाद दायर किया। शनिवार को लोक अदालत में प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश चंद्र प्रकाश तिवारी ने दोनों पक्षाें से बात की। इसके बाद में दोनों पक्षों में समझौता कराया। संवाद
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राष्ट्रीय लोक अदालत में 2,72,829 वादों हुआ निस्तारण
बरेली। राष्ट्रीय लाेक अदालत में कुल 2,72,829 वादों का निस्तारण हुआ। नोडल अधिकारी निकुंज मित्तल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सत्र न्यायालयों ने 492 वादों का निस्तारण कर 4800 रुपये, दीवानी न्यायालयों ने 23,951 वादों का निस्तारण कर 11,36,618 रुपये, फौजदारी न्यायालयों में 3,566 वादों का निस्तारण कर 735040 रुपये की जुर्माना वसूला गया।
मोटर दावा दुर्घटना अधिकरण ने 80 वादों का निस्तारण कर 2,60,33,000 रुपये, स्थाई लोक अदालत ने चार वादों का निस्तारण कर 9,13,068 रुपये वसूला गया। वाणिज्यिक न्यायालय ने नौ वादों का निस्तारण किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अपर जनपद न्यायाधीश उमा शंकर कहार ने बताया कि लोक अदालत में विभिन्न बैंकों ने ऋण से संबंधित 1,112 वादों का निस्तारण किया। इसमें कुल 12,16,65,000 रुपये वसूले गए।




ये मामले भी हुए निस्तारित
संभागीय परिवहन विभाग ने 1292 मामलों का निस्तारण कर 6,75,200 रुपये, कैनाल न्यायालय ने नौ मामलों का निस्तारण कर 900 रुपये, उपभोक्ता फोरम ने नौ, श्रम न्यायालयों ने 32, भारत संचार निगम लिमिटेड ने 208 और बीडीए ने सात वाद का निस्तारण किया। स्वास्थ्य विभाग ने 1,84,558 और नगर निगम ने 10,190 मामलों का निस्तारण किया।

बंदियों की बनाई वस्तुओं को बेचा
बरेली। राष्ट्रीय लोक अदालत में बंदियों द्वारा बनाई गई चीजों की प्रदर्शनी लगाकर इनकी बिक्री की गई। बरेली केंद्रीय कारागार से आए कौशल किशोर ने बताया बंदियों की ओर से शीशम की लकड़ी से कुर्सी, राई, खुरपी, बेलन बनाया गया। कुर्सी की कीमत 6435 रुपये रखी गई। राई 50 रुपये, खुरपी 40 रुपये और बेंत 40 रुपये में बेचा गया। संवाद
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