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अब घर नहीं जाना चाहती है ये लावारिस बच्ची

Mon, 21 Nov 2016 01:15 AM IST
बरेली, ब्यूरो
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बिथरी चैनपुर के मेहतरपुर गांव को अपना बताने वाली 10 साल की एक बच्ची पिछले 17 दिनाें से शहर में घूम रही है। वह घर नहीं जाना चाहती। इसके माता पिता भी हैं और भाई बहन भी। रविवार को छोटी सी आशा संस्था से जुड़ी रिप्सी तनेजा को यह बच्ची राजेंद्रनगर में शील अस्पताल के सामने लावारिस अवस्था में मिली तो वह उसे घर ले आई। पुलिस को सूचना दी और चाइल्डलाइन से भी संपर्क किया। 
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बच्ची मेहतरपुर गांव में ओमप्रकाश और सुमित्रा को अपने माता पिता बता रही है। उसका कहना है कि उसके तीन भाई और एक बहन है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। भाई और पिता कुछ नहीं करते। उसने बताया कि वह पढ़ने नहीं जाती, घर का सारा काम करती है। बरेली कब आई इसकी तारीख तो नहीं बता पाती लेकिन करीब 17 दिन से वह यहां टहल रही है। काफी खुशमिजाज दिख रही बच्ची ने बताया कि वह ऑटो रिक्शा से बरेली आई थी, जिसके पैसे नहीं लिए थे। श्यामगंज से स्टेशन पहुंची और फिर यहां से राजेंद्रनगर। कुछ घराें में काम भी किया। बच्ची अपने परिवार में कुछ ऐसे अजीब से किस्से सुना रही है। उसके मुताबिक घर का माहौल रहने लायक नहीं है। फिलहाल छोटी सी आशा संस्था की पारुल और रिप्सी तनेजा ने उसे अपने पास रखा है। वह उसका ख्याल रख रही हैं। पारुल का कहना है कि उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दे दी है। चाइल्डलाइन को भी सूचना दी है।
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