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ये डायबिटीज रोगी तो डाक्टरों के हैं ‘गुरु’

Wed, 20 Jul 2016 01:47 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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कहा जाता है कि बुजुर्गों से हमें कुछ सीखना चाहिए। चाहे संस्कार हों या फिर अच्छी आदतें। लेकिन बरेली में डॉक्टर्स बुजुर्गों से इलाज करना भी सीख रहे हैं। डायबिटीज के साथ अपनी जिंदगी के 90 बसंत देख चुके बुजुर्ग डायबिटीज के मामलों में  डॉक्टरों के मार्गदर्शक भी हैं। डॉक्टर डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को इनके उदाहरण देकर संयम की सीख देते हैं। कुछ तो बाकायदा स्पेशल क्लास में भी शामिल होते हैं। 60 से 90 साल की उम्र वाले ये बुजुर्ग अपनी दिनचर्या में इतने नियमित हैं कि इन्हें कोई डिगा नहीं सकता। 
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बानखाना के प्रकाश 90 वर्ष के हैं। 40 साल पहले डायबिटीज का पता चला था। हताश और निराश थे। लेकिन इन्हाेंने अपने आप को संयमित किया। पोस्ट ऑफिस में पोस्ट मास्टर के पद पर तैनात रहे प्रकाश कहते हैं कि कभी दवा नहीं छोड़ते और हर माह अपना ब्लड शुगर चेक कराते हैं। उम्र अधिक है इसलिए चलना- फिरना नहीं हो पाता, लेकि न इससे स्वास्थ्य पर प्रभाव न पड़े इसलिए भोजन हल्का लेते हैं। 80 वर्षीय शंभुदत्त कर्मचारी नगर में रहते हैं। दिल के मरीज और अस्थमा के भी रोगी हैं, लेकिन योगा और व्यायाम इनकी दिनचर्या का हिस्सा है। इसे कभी नहीं छोड़ते। कहते हैं कि डायबिटीज इन्होंने अपने खानपान को संयमित करके कंट्रोल में रखा है। उन्हाेंने अपना शरीर भी मेडिकल कालेज को दान किया है। राजेंद्रनगर के 75 वर्षीय डॉ. केके सिंह खुद ईएनटी विशेषज्ञ हैं। इन्हें 30 साल पहले डायबिटीज हुई थी, तब से कंट्रोल में है। कभी लेवल हाई नहीं हुआ। कई किलोमीटर चलना इनकी आदत में शुमार है। इनकी स्पाइन और बाईपास सर्जरी भी हुई है। डायबिटीज होने के बाद इन्होंने कभी मीठा नहीं लिया।
60 वर्षीय बब्बू बेगम 25 साल से डायबिटीज से पीड़ित हैं। रामपुर से नियमित तौर पर बरेली के डॉ. सुदीप सरन को दिखाने आती हैं। इन्हें आज तक शुगर हाई और लो नहीं हुई। दिन में तीन बार शुगर चेक करना इनके रूटीन में शामिल है। इन्हें अपनी शुगर के बारे में इतना पता हो गया है कि इंसुलीन भी खुद ही लगाती हैं। 
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- गुरुओं की सीख 
दिनचर्या अस्त व्यस्त न करें 
खानपान का ध्यान रखें
भोजन हमेशा एक ही समय करें 
योगा व व्यायाम भी कर सकते हैं
पैदल चलना अच्छा होगा 
मीठा बिल्कुल न खाएं 
नियमित जांच कराते रहें 
डॉक्टर का कहना माने 
चिंता और तनाव से मुक्त रहें 
मेरे मरीज इतने एक्सपर्ट हो गए हैं कि लेवल के अनुसार इंसुलीन के डोज हाई और लो कर लेते हैं। इन मरीजों की मदद से हम दूसरे मरीजों को सलाह देते हैं ताकि वह भी अधिक उम्र तक फिट रहें।
डॉ. सुदीप सरन, फिजीशियन 
ये मरीज तो हैं लेकिन इन्हें सलाह नहीं देना पड़ता। चिंता से मुक्त ये सभी अपनी दिनचर्या और खानपान को बहुत ही संयमित रखें हुए हैं, इसलिए डायबिटीज कभी इन पर हावी नहीं हुई। 
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डॉ. डीपी शर्मा, वरिष्ठ परामर्शदाता  
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