फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तो विश्वविद्यालय में भी नहीं होंगे चुनाव

Mon, 10 Oct 2016 01:35 AM IST
बरेली, ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
लिंग्दोह की सिफारिशों का उल्लघंन करने से बचने के लिए बरेली कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव टाल दिए गए। अब रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन भी बरेली कॉलेज के रस्ते चल पड़ा है। बहाना बनाया गया है कि चुनाव अधिकारी नहीं मिल रहा पर असल बात यह है कि विवि प्रशासन लिंग्दोह की संस्तुति का उल्लघंन नहीं करना चाहता,क्योंकि अगर यह होता है तो निर्णय लेने वाले के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है जो कि कोई नहीं चाहता। यह सभी जातने हैं कि लिंग्दोह के अनुसार चुनाव कराने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है और अब चुनाव कराना मतलब अपना गला फंसाना है।  कुलसचिव से जब इस बाबत सवाल किया गया तो उनका स्पष्ट कहना था कि बिना चुनाव अधिकारी के छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जा सकते। जब कोई चुनाव अधिकारी नहीं बनना चाहता है जबरन किसी पर जिम्मेदारी नहीं थोपी जा सकती।
विज्ञापन

 वहीं विवि के कुछ वरिष्ठ शिक्षकों का कहना है कि विवि प्रशासन असल में चुनाव कराना ही नहीं चाहता। इसलिए जानबूझकर चुनाव का निर्णय लंबित रखा गया और अब इसका जिम्मेदार शिक्षकों ठहराया जा रहा है। सूत्रों की माने तो विवि प्रशासन जल्द परीक्षा फार्म भरवाने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इसके अलावा नवंबर में दीक्षांत समारोह है। दिसंबर में कुलपति भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में विवि प्रशासन कोई ऐसा निर्णय नहीं लेना चाहता है कि इनमें कोई दखल पड़े। चुनाव हुए तो निश्चित ही हंगामे और विवाद होंगे। विश्वसनीय सूत्रों की माने तो कुलपति, कुलसचिव, प्रति कुलपति और कुछ शिक्षकों के बीच चुनाव को लेकर मंथन हुआ पर चुनाव कराने पर कोई समहत नहीं हुआ है।



वर्जन
चुनाव अधिकारी बनने को कोई भी तैयार नहीं हो रहा है । बिना चुनाव अधिकारी के चुनाव संभव नहीं हैं। फिर भी चुनाव को लेकर मंथन किया जा रहा है। जल्द कोई फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

-साहिब लाल मौर्या, कुलसचिव 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें