नवाबगंज। झोलाछाप के गलत उपचार से गर्भवती की मौत के मामले में जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया है। इधर, तहरीर मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन आरोपी कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका है।
थाना क्षेत्र के गुलड़िया धीमर गांव के नेमचंद दो अप्रैल को गर्भवती पत्नी कमलेश कुमारी को कस्बे के खारजा मार्ग पर स्थित एक झोलाछाप के यहां उपचार के लिए ले गए। यहां तीन दिन भर्ती रखने के बाद उन्हें बताया गया कि उनकी पत्नी के पेट में पल रहा शिशु सही नहीं है, जिससे उनका ऑपरेशन करना पड़ेगा। बाद में झोलाछाप ने उनकी पत्नी का ऑपरेशन कर डाला। इसके बाद महिला की हालत बिगड़ गई। झोलाछाप ने आनन-फानन में उसे बरेली ले जाने की सलाह दी। ग्रामीण अपनी पत्नी को लेकर निजी अस्पताल पहुंचा तो उसे चिकित्सकों ने बताया कि महिला की एक आंत और बच्चादानी कट चुकी है, जिससे उसकी हालत गंभीर है। 15 अप्रैल को महिला ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
अभिलेख नहीं दिखा पाया झोलाछाप
परिजनों ने महिला का अंतिम संस्कार करने के बाद थाना नवाबगंज में तहरीर दी। इस मामले में कोतवाल राहुल सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने पर पुलिस को जांच के लिए भेजा गया है। साथ अभिलेख भी मंगाए गए हैं, लेकिन आरोपी ने अभिलेख नहीं दिखाए हैं। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग को एक पत्र लिखकर अवगत कराया गया है। इधर, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अमित गंगवार ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में आया है। झोलाछाप के खिलाफ अभियान चल रहा है। शीघ्र टीम बनाकर जांच की जाएगी। सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।