धान के 122 और बाजरा खरीदने को खोले गए छह केंद्र, किसी पर भी नहीं आया गल्ला, इंटरनेट की भी रही दिक्कत
बरेली । जिले में धान की खरीद के लिए 122 और बाजरा के लिए छह क्रय केंद्र खोले गए हैं, लेकिन पहले दिन शुक्रवार को किसी भी केंद्र पर बोहनी नहीं हुई है। केंद्रों पर व्यवस्थाओं का भी अभाव देखने को मिला। गल्ला मंडी के 11 क्रय केंद्रों में से किसी पर भी धान की खरीद नहीं हुई है। यहां किसानों के सुविधाओं का भी अभाव देखने को मिला। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों के किसी भी क्रय केंद्र पर धान की तौल न होने की खबर है। कई केंद्रों पर पॉश मशीन भी नहीं पहुंच पाई है।
बहेड़ी में नहीं मिले प्रभारी
बहेड़ी तहसील क्षेत्र में 33 धान खरीद केंद्र बनाए गए हैं। 17 केंद्र मंडी यार्ड में हैं। यहां इलेक्ट्रॉनिक कांटा, बारा की व्यवस्था दिखी, लेकिन किसानों के लिए पानी, उनके बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं मिली। रिछा मंडी में पांच केंद्र हैं, जहां प्रभारी खोजे नहीं मिले। एसडीएम इशिता किशोर ने कहा कि वह केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगी।
धान बेचने कोई किसान नहीं आया
फरीदपुर तहसील क्षेत्र में 11 केंद्र खोले गए हैं। कस्बे में प्रथम और द्वितीय केंद्र हैं। कुआडांडा में चार केंद्र हैं। भगवानपुर कुंदन व शिवपुरी में एक-एक और फतेहगंज पूर्वी में दो क्रय केंद्र हैं। किसी केंद्र पर बोहनी नहीं हुई है। बुधवार तक 170 किसानों के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। किसान नेता चौधरी सोमवीर सिंह का कहना है कि केंद्रों पर धान की तौल में विलंब न किया जाए। भगवानपुर कुंदन बिलपुर पीसीएफ सचिव ज्ञानेश पाल सिंह ने बताया कि धान बेचने को कोई किसान नहीं आया। इंटरनेट बाधित होने से रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहे हैं।
नवाबगंज में दो किसानों को लौटाया
नवाबगंज तहसील क्षेत्र में 16 क्रय केंद्र हैं। बुधवार तक 185 किसानों के पंजीकरण हुए थे। इलेक्ट्रॉनिक कांटा, बोरा, नमी मापन यंत्र, पंखे क्रय केंद्र पर मौजूद हैं। यहां भी इंटरनेट की समस्या रही। दो किसान को छोड़कर कोई नहीं आया। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी अरविंद सिंह राठी ने बताया कि दो किसान आए थे। उनके द्वारा लाए गए धान में नमी अधिक है। उन्हें वापस लौटा दिया गया। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि किसान धान सुखाकर केंद्र पर लाएं।
यहां नहीं मिली पॉश मशीन
मीरगंज क्षेत्र में आठ क्रय केंद्र खोले गए हैं। किसी भी केंद्र पर धान की खरीद नहीं हुई है। मंडी परिसर में दो केंद्र हैं। यहां पॉश मशीन नहीं पहुंची है। शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे क्रय केंद्र प्रभारी रजनी सिंह व सुभाषचंद्र मौके पर मौजूद नहीं मिले। इनके मोबाइल भी स्वीच ऑफ पाए गए। चौकीदार लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि केंद्र पर कोई किसान नहीं आया। संवाद
इंटरनेट बंद होने से किसानों का सत्यापन प्रभावित : डिप्टी आरएमओ
डिप्टी आरएमओ कमलेश पाण्डेय ने बताया कि गल्ला मंडी में 11 क्रय केंद्र हैं। इन पर धान आया था लेकिन, नमी अधिक होने से खरीदा नहीं गया है। इंटरनेट बंद होने से संबंधित किसानों के पंजीयन का सत्यापन भी नहीं हो पाया है। बृहस्पतिवार सुबह तक 1375 किसानों ने धान बेचने के लिए अग्रिम पंजीकरण करा लिया था। शनिवार को किसी न किसी केंद्र पर धान खरीद होने की उम्मीद है। 17 प्रतिशत तक नमी मान्य है। किसान धान सुखाकर लाएं।