बरेली। आजमनगर में पिछले सात दिनों से पेयजल संकट बरकरार है। गुस्साए लोगों ने शनिवार को दोपहर दो बजे भ्रमण पर निकले पार्षद आरिफ कुरैशी को घेर लिया। उन्होंने खुद को बचाने के लिए आम जनता को अपने मोबाइल फोन पर अधिकारियों को वे मेसेज दिखाए जो अधिकारियों को भेजे थे।
पार्षद ने मौके से जलकल अभियंता अभियंताओं को कॉल भी की, लेकिन जब रिसीव नहीं हुई तो यह कहकर खुद को बचाया कि वह नगर निगम जाकर समस्या का समाधान कराएंगे। उन्होंने जलकल के सुपरवाइजर चंद्रमोहन को मौके पर बुलाया। सुपरवाइजर को लोगों ने बताया कि टंकियों से सीवर जैसी बदबू वाला पानी आता है। सुपरवाइजर ने कहा कि जहां पाइपलाइन में लीकेज है, वहां पर वह उसे ठीक कराएंगे।
इस बीच विश्वनाथपुरम में आठ दिन से चले आ रहे पेयजल संकट से थोड़ी सी राहत मिली है। सुभाषनगर से विश्वनाथपुरम की पाइपलाइन को वैकल्पिक व्यवस्था में जोड़ने में सफलता मिल गई है। विश्वनाथपुरम क्षेत्र के अवर अभियंता सुमित कुमार ने बताया कि अधिकतर घरों तक पानी पहुंच रहा है। खराब नलकूप की मोटर बदलने के साथ नलकूप के लिए नए कक्ष को एक महीने के भीतर बनाकर तैयार कराएंगे।
वहीं, गंगापुर क्षेत्र की जेई प्रियंका कटियार ने बताया कि एक ओवरहैड टैंक की सफाई की वजह से लाइन खाली करनी पड़ी थी। इसलिए शाहदाना और गंगापुर इलाके में चार पांच दिन से आपूर्ति प्रभावित थी। शनिवार शाम आपूर्ति को बहाल कर दिया गया है। हालांकि, गंगापुर निवासी अमर सिंह का कहना है कि पांच दिन बाद आपूर्ति तो मिली पर पानी गंदा ही आ रहा है। ब्यूरो
पेयजल आपूर्ति न मिलने से पार्षद और नगर निगम के प्रति जनता में रोष है। मैं चाहता हूं कि समस्या का समाधान हो। - दानिश, आजमनगर
दावे तो साफ पेयजल की आपूर्ति के हैं, लेकिन गली-मोहल्लों में लोग गंदा पानी पीने के लिए मजबूर हो रहे हैं। - अब्दुल कय्यूम, आजमनगर