दुनका। शीशगढ़ से बरेली तक 60 किलोमीटर तक रोडवेज बसों के समय-सारिणी न बनने से क्षेत्र के यात्रियों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। इससे परेशान लोगों ने परिवहन निगम से रोडवेज बसों को समय से चलाने की मांग उठाई है।
एक वर्ष पूर्व इस मार्ग पर 16 निजी बसें चलती थीं, जिससे लोगों को आने जाने में कोई दिक्कत नहीं होती थी। इसके बाद प्रशासन ने बरेली से शीशगढ़ के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिटी बसों का संचालन किया तो सवारियों ने उन्हें अधिक पसंद किया। इस कारण निजी बस संचालकों ने अपनी बसें बंद कर दी थीं। छह महीने से सिटी बसों का संचालन बंद होने से लोगों को शीशगढ़ से बरेली तक ऑटो में बैठकर सफर करना पड़ रहा है।
लोगों की मांग पर बरेली सांसद ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से बरेली से शीशगढ़ तक रोडवेज बसें चलाने के लिए पत्र लिखा, जिस पर रोडवेज बसों का संचालन शुरू किया गया। इसमें तीन रुहेलखंड डिपो और तीन बरेली डिपो की बसों का संचालन हो रहा है, लेकिन कोई समय-सारिणी नही होने से लोगों को बसों की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
सभी बसों का संचालन बरेली से किया जाता है। सुबह को पहली बस बरेली से चलकर शीशगढ़ दस बजे के बाद पहुंचती है, जिससे बरेली कोर्ट अथवा अन्य काम को जाने वाले यात्रियों को परेशानी होती है। लोगों ने बताया, तीन रोडवेज बसों का रात्रि ठहराव शीशगढ़ और तीन बसों का बरेली में होना चाहिए, जो सुबह आठ बजे चलकर साढ़े नौ बजे तक शीशगढ़ से चलकर बरेली और बरेली से चलकर शीशगढ़ पहुंच सके।
ग्रामीण हरीशंकर, सतीश चंद्र गंगवार, शिशुपाल सिंह, रामप्रकाश गुप्ता, रामौतार मौर्य, प्रमोद देवल आदि सहित कई लोगों ने तीन बसों का रात्रि ठहराव शीशगढ़ में करने की मांग की है। संवाद