बरेली कॉलेज के सामने सड़क पर उड़ती धूल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
धूल के गुबार से बचने को लोगों ने बदला रास्ता मगर जो गुजरे वो परेशान हुए
बरेली। प्रभा टॉकीज से कंपनी बाग, कंपनी बाग से बियावानी कोठी और खुर्रम गौटिया तक सीवर लाइन का काम करीब एक माह पहले ही पूरा हो चुका है। यहां गिट्टी व रेत डालकर रोलिंग भी कर दी गई है, लेकिन सड़क निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। इससे अब यहां रेत और धूल उड़ रही है। पानी का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में लोगों को यहां धूल फांकनी पड़ रही है।
उखड़ी और खुदी पड़ी सड़कों पानी का छिड़काव भी नहीं कराया जा रहा है। इस समय चौकी चौराहे से कंपनी बाग तक धूल के गुबार से गुजरना लोगों की मजबूरी है। सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़कों पर खोदाई करीब दो सालों से शहरवासियों की परीक्षा ले रही है। जल निगम के काम की रफ्तार काफी सुस्त होने की वजह से दिक्कतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। चूंकि सबसे ज्यादा खोदाई शहर के मुख्य इलाकों में की गई है। करीब महीने भर से गर्मी बढ़ने से मुश्किलें और बढ़ी हैं। तेज धूप और हवाओं से सड़कों पर पड़ी मिट्टी से पूरे शहर में धूल के गुबार उड़ रहे हैं।
नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने कहा कि जल निगम व सेतु निगम कार्यस्थलों पर पानी का छिड़काव करा रहा है या नहीं, दिखवाया जाएगा। यदि पानी का छिड़काव सही से नहीं कराया जा रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।
समिति भी नहीं दे रही रिपोर्ट
नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने करीब आठ माह पहले जल निगम और सेतु निगम के कार्यस्थलों पर एनजीटी के नियमों के पालन के लिए एक समिति बनाई थी। उससे हर माह रिपोर्ट देने को कहा गया था। शुरू में तो एक दो महीने तक समिति ने रिपोर्ट दी लेकिन उसके बाद फिर कभी रिपोर्ट ही नहीं दी। एक बार जुर्माना लगने के बाद आज तक दोबारा इन विभागों पर एनजीटी के नियमों के उल्लघंन पर कार्रवाई ही नहीं हो सकी।