नगर निगम के चुनाव की रणभेरी बज उठी है। दिवाली के पटाखे के फूटने से पहले दावेदारों में चुनावी पटाखे फूटने लगे हैं। सपा, भाजपा, कांग्रेस में मेयर पद के दो दर्जन से ज्यादा दावेदार टिकट के लिए सक्रिय हैं। बसपा में अभी खामोशी है। सर्वाधिक मारामारी भाजपा में है, इस पार्टी में 22 से ज्यादा लोगों ने मेयर के टिकट के लिए आवेदन कर रखे हैं। हर कोई दावेदार टिकट मिलने की स्थिति में अपनी जीत तय बता रहा है। मेयर पद पर किसका मुकाबला किससे होगा.. यह सुनिए खुद दावेदारों की जुबानी-
मेरा मुकाबला किसी से नहीं
मेयर डॉ. आईएस तोमर का कहना है कि भाजपा से किसी को भी टिकट मिले, उन्हें चुनाव में टक्कर देने की स्थिति में कोई नहीं है। वह अपने दोनों कार्यकल के काम के आधार पर चुनाव लड़ेंगे। कोई भी पार्टी या प्रत्याशी सामने हो, कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे जनता तीसरी बार भी मौका देगी।
टिकट घोषित होने के बाद बताएंगे
भाजपा से मेयर टिकट के प्रबल दावेदार इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के चांसलर उमेश गौतम का कहना है कि टिकट की घोषणा होने के बाद बताएंगे कि मुकाबला किससे होगा। बोले, किसी पद पर न होने के बाद भी हमने 170 साल पुराना मिशन अस्पताल बंद नहीं होने दिया। अपने कामों के आधार पर जनता के बीच जाएंगे।
टिकट मिला तो होगी महाविजय
भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. प्रमेंद्र महेश्वरी का मानना है कि अगर पार्टी उनको टिकट देती है तो इस चुनाव में एक तरफ भाजपा होगी और दूसरी तरफ बाकी सभी दल। सपा, कांग्रेस और बसपा प्रत्याशी दूसरे और तीसरे नंबर के लिए चुनाव लडे़ंगे। भाजपा की महाविजय होगी।
उम्मीद है कि फिर मौका मिलेगा
भाजपा से मेयर का पिछला चुनाव लड़ चुके पार्टी नेता गुलशन आनंद का कहना है कि वह रामजन्म भूमि आंदोलन में शामिल रहे। हिंदुत्व की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष किया। बिना लहर ही 2012 में पूरे दम से लड़े थे। अब भाजपा के पक्ष में माहौल हैं। उम्मीद है कि पार्टी उन्हें मौका देगी।
शहर को स्मार्ट बनाएंगे
भाजपा ब्रज प्रांत के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रामगोपाल मिश्रा दो बार कैंट से चुनाव लड़ चुके हैं। भाजपा से मेयर टिकट के प्रबल दावेदार रामगोपाल का कहना है कि पार्टी अगर कैडर आधारित कार्यकर्ता को टिकट देती है तो मेयर की सीट भाजपा जीतेगी। हम शहर को साफ सुथरा और स्मार्ट बनाएंगे।
सीट जिताकर दिखाएंगे
लोकसभा पालक और मेयर टिकट के प्रबल दावेदार संजीव अग्रवाल का कहना है कि वह पं. दीनदयाल उपाध्याय और अटलबिहारी बाजपेई कार्यकाल से संघ, भाजपा में हैं। अगर हाईकमान ने उनको मेयर का टिकट दिया तो वह पूरी दमदारी से चुनाव लड़ेंगे और सीट जिताकर दिखाएंगे।
टिकट मिला तो एकतरफा जीत
जनसंघ और भाजपा में सक्रिय रहे पूर्व मेयर सुभाष पटेल का कहना है कि अगर उन्हें टिकट मिला तो भाजपा की एकतरफा जीत होगी। कोई पार्टी मुकाबला कर नहीं पाएगी। भोजीपुरा से विधायक रह चुके पटेल कहते हैं कि वह बरेली को स्मार्ट शहर बनाने के लिए सबके साथ मिलकर काम करेंगे।
अधिसूचना के बाद तय करेंगे
पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन का कहना है कि अभी किसी पार्टी ने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। चुनाव की अधिसूचना भी जारी नहीं हुई है। हम चाहते हैं कि बरेली के विकास के लिए नए प्रोजेक्ट मिलें, बेरोजगारी दूर हो, शहर साफ-सुथरा बने। मेयर का चुनाव लड़ने का फैसला अधिसूचना जारी होने के बाद ही तय करेंगे।
डॉ. तोमर से होगा मुकाबला
भाजपा से मेयर टिकट के दावेदार डॉ. राघवेंद्र शर्मा का कहना है कि अगर उन्हें टिकट मिला तो उनका मुकाबला पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर से होगा। डॉ. तोमर दो बार मेयर रहकर भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट नहीं चला पाए। गंदगी, अतिक्रमण, जाम और सीवर, पेयजल आदि समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
निजी पहचान पर लड़ेंगे
आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी नवनीत अग्रवाल ने आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग और आईआईएम कोलकाता से ईपीबीएम किया है। पेशे से आटोमोबाइल कार डीलर हैं। इनका कहना है कि मेयर का चुनाव लोकसभा या विधानसभा की तरह नहीं है। वह निजी पहचान पर जनता के सामने खुद को साबित करेंगे।