प्रसूता की नहीं है कोई ट्रेवल हिस्ट्री, पड़ताल में जुटी टीम को नहीं मिल रहा सुराग
बरेली। प्रवासियों के आने के बाद एक ओर संक्रमितों की तादाद जिले में बढ़ती जा रही है तो दूसरी ओर संक्रमण की चेन न मिलने से संक्रमण के सामुदायिक फैलाव की आशंकाएं भी बढ़ती जा रही हैं। पिछले दो माह से चार संक्रमितों में संक्रमण की चेन खोजने में असमर्थ रही सर्विलांस टीम एक बार फिर नाकाम साबित हो रही है। सोमवार को रामवाटिका में और मंगलवार को बांस मंडी में भी संक्रमण की चेन लापता है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बांस मंडी के मठ की चौकी की रहने वाली प्रसूूता बीते कई महीनों से जिले से बाहर जाना तो दूर वह घर से भी कहीं बाहर नहीं गई। पांच जून को उसकी तबियत बिगड़ने पर परिजनों ने आनन-फानन में उसे जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जहां पर उसकी हालत गंभीर देखकर तीन सौ बेड अस्पताल में उसकी सैंपलिंग कराई और फिर निजी मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कर दिया गया। यहां डिलीवरी में उसने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। मंगलवार की देर शाम प्रसूूता की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। प्रसूता के पति का कहना है कि उसके परिवार में बीते सात महीने से कोई न तो जिले से बाहर ही गया और न ही कोई आया। ऐसे में वह खुद हैरान है कि आखिर पत्नी में संक्रमण कब और कैसे हुआ। मामले पर आईडीएसपी डीडीएम संजय कुमार ने बताया कि सर्विलांस टीम संक्रमण की चेन तलाश कर रही है। रिपोर्ट मिलने पर ही कुछ कहा जा सकता है।
पड़ताल जारी मगर नहीं मिल रहा सुराग
सोमवार को रामवाटिका में संक्रमित मिले 54 वर्षीय ठेकेदार में भी संक्रमण कहां और किससे हुआ इस बाबत सर्विलांस टीम पड़ताल में जुटी रही मगर, कोई सुराग हाथ नहीं लग सका। टीम के मुताबिक संक्रमित ठेकेदार के परिजनों की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही संक्रमण की चेन मिल सकती है। वहीं, बांसमंडी की प्रसूता के मामले में भी सर्विलांस टीम ने कमोवेश यही जवाब दिया है। बता दें कि यह दोनों ही अपने घर से पिछले कई दिनों से बाहर नहीं निकले हैं। ऐसे में परिवार में किसी अन्य सदस्य के संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है।
18420 लोगों की हुई जांच, 122 संदिग्धों की सैंपलिंग
स्वास्थ्य विभाग की ओर से रात करीब पौने ग्यारह बजे मिली रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को एक्टिव सर्विलांस के तहत 74 टीमों ने शहर समेत ग्रामीण इलाके में बने हॉटस्पॉट एरिया में घर घर जाकर 18420 लोगों की जांच की। हालांकि, इस दौरान कोई संदिग्ध संक्रमित नहीं मिला। वहीं, तीन सौ बेड के अस्पताल में दो टीमों ने 205 मरीजों की स्क्रीनिंग की। संदिग्ध मिले 92 मरीजों का सैंपल लिया। दूसरी ओर, एमएमयू की टीम ने जगतपुर में 15, भमोरा के बढ़ई गांव में 26 लोगों की जांच की। संदिग्ध मिले पांच लोगों के सैंपल लिए। जिसे जांच के लिए आईवीआरआई भेजा जाएगा।