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Bareilly News: कंट्रोल रूम के पास न गाड़ी न ही फोर्स, कैसे होगी स्ट्रांग रूम की पुख्ता निगरानी

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बरेली। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम के स्टाफ को निरीक्षण के लिए न गाड़ी मिली है और न ही फोर्स। ऐसी स्थिति में स्ट्रांग रूम का निरीक्षण कैसे होगा। वहीं, सीसीटीवी से पहले की तरह केंद्रों की निगरानी होगी। ऐसे में अगर सर्वर डाउन हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा।
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प्रतिदिन परीक्षा खत्म होने के बाद तत्काल कंट्रोल रूम से कितने परीक्षार्थी उपस्थित और अनुपस्थित रहे। इसकी पूछताछ शुरू हो जाती है। जबकि प्रत्येक कक्ष से यह आंकड़ा मिलने में करीब घंटेभर से ज्यादा लगता है। इसके अलावा कंट्रोल रूम के कक्ष की अलमारी सिर्फ दो बार ही खोला जा सकता है। तीन बार खुले जाए तो आपित्तजनक है। जबकि तीन अलमारियां हैं। एक-एक बार भी लॉक खोला जाएगा तो तीन बार खुलेगा। ऐसे ही कई सवाल शुक्रवार को बिशप मंडल इंटर कॉलेज सभागार में आयोजित यूपी बोर्ड परीक्षा के संबंध में प्रधानाचार्यों ने अफसरों के समक्ष रखी।
जिसके निस्तारण का आश्वासन डीआईओएस ने दिया है। उन्होंने बैठक में समस्याओं को बिन्दुवार दर्ज कर उच्चाधिकारियों के समक्ष रखने और जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसके अनुरूप बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पूर्व व्यवस्था किए जाने की बात प्रधानाचार्यों से कही।
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सीसीटीवी निगरानी में होगी प्रयोगात्मक परीक्षा, केंद्र सुरक्षित रखेंगे रिकॉर्डिंग
परिषदीय प्रयोगात्मक परीक्षाओं के संबंध में डीआईओएस डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा होगी। रिकार्डिंग भी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। जो प्रयोगात्मक परीक्षक बनेंगे, वे अर्हताधारी होने चाहिए। प्रयोगात्मक परीक्षा लेने आने वाले परीक्षक की एक मान्य आईडी जैसे आधार कार्ड आदि को प्रधानाचार्य द्वारा परीक्षक से प्राप्त कर सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। वहीं, परीक्षा संबंधी दिशानिर्देश दिए।

परीक्षा से पहले पूरा करा लें सिलेबस
बैठक के दौरान डीआईओएस ने निर्देश दिए कि बोर्ड परीक्षा से पहले सिलेबस पूरा हो जाना चाहिए। जो विद्यार्थी अपेक्षाकृत कमजोर हैं उनके लिए पृथक से शिक्षक समय देकर पढाएं। साथ ही, विभाग की ओर से संचालित प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए कहा। परीक्षा केंद्र पर आवंटित परीक्षार्थियों के सापेक्ष कक्ष, फर्नीचर उपलब्धता, स्ट्रांगरूम, सीलिंग पैकिंग रूम में नाइट विजन वॉयस रिकार्डर सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए।

अग्निशमन की रहे व्यवस्था, करा लें रिफिल
डीआईओएस ने वेब कास्टिंग के लिए हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन, 30 दिन तक रिकॉर्डिंग क्षमता वाला डीवीआर लगाने, खिड़कियों में लोहे की जाली लगाने, अग्निशमन संसाधन व्यवस्थित रखने, अग्निशमन विभाग से नवीनीकरण समेत अन्य दिशानिर्देश दिए। सहायक डीआईओएस जीसी यादव, प्रधानाचार्य संघ के जिलाध्यक्ष लाखन सिंह, उपाध्यक्ष सैय्यद जाकिर अली, मंत्री डॉ. अजीत सक्सेना अन्य मौजूद रहे। अमर उजाला ब्यूरो
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