Many projects including 40 km ring road approved
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
पीडब्ल्यूडी से अनुमोदित बदायूं रोड बाईपास का प्रस्ताव केंद्रीय लोक निर्माण मंत्री नितिन गड़करी ने स्वीकृत कर दिया है। हालांकि अभी ये तय नहीं है कि बदायूं रोड बाईपास सरकार की किस योजना में बनेगा लेकिन इसकी मंजूरी केंद्रीय मार्ग निधि (सीआरएफ) से होगी। पीडब्ल्यूडी मंत्रालय से स्वीकृत होने के बाद अब बदायूं रोड बाईपास बनने का रास्ता साफ हो गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पीडब्ल्यूडी मंत्री नितिन गड़करी के बीच यूपी के सड़क निर्माण के प्रोजेक्ट को लेकर मीटिंग हुई थी। इसमें सीएम की ओर से बरेली समेत अन्य जिलों के फोरलेन निर्माण से संबंधित प्रस्ताव रखे गए। राज्य के वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि बदायूं रोड बाईपास प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी मंत्री के समक्ष रखा गया जिसको उन्होंने मंजूर कर लिया। ये एक तरह से रिंग होगा। एनएचएआई की ओर से शहर के दक्षिण की ओर रजऊ परसपुर होते हुए रामगंगा नगर को दो बार क्रास करते हुए परसाखेड़ा बड़ा बाईपास से जोड़ा जाएगा। 40 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क निर्माण का प्रस्ताव राज्य सरकार को काफी पहले भेजा गया था। प्रस्ताव का अनुमोदन होने के बाद इसका एस्टीमेट बनाया जाएगा। बड़ा बाईपास बनने के बाद शहर के दक्षिण की ओर एक और बाईपास बनने से बरेली के चारों ओर रिंग रोड बन जाएगा। इससे हाइवे पर गुजरने वाले वाहन शहर से बाहर होकर निकलेंगे। शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी। एनएच-24 के बरेली-बीसलपुर मार्ग की क्रासिंग पर फ्लाईओवर निर्माण और राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित सेटेलाइट बस अड्डे से हवाई अड्डा होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-74 तक सड़क को फोरलेन करने का प्रस्ताव भी मंजूर कर लिया गया है। राज्य के वित्तमंत्री ने बताया कि बरेली के जिन प्रोजेक्ट की घोषणा उन्होंने की है, वे चाहे राज्य सरकार की योजनाएं हों या फिर केंद्र सरकार की, उनको प्राथमिकता के आधार पर एक-एक कर स्वीकृत कराया जा रहा है। इसी कड़ी में सेटेलाइट पर फ्लाईओवर, किला ओवरब्रिज के बराबर में टू लेन ओवरब्रिज, चौपुला ओवरब्रिज को बाईशेप में बनाने समेत बरेली के अन्य प्रोजेक्ट भी जल्द ही स्वीकृत कराकर उन पर काम शुरू कराया जाएगा।
शहर के दक्षिण से होकर रजऊपरसपुर से बदायूं रोड पर रामगंगा होते हुए फतेहगंज पश्चिमी तक रिंग रोड का अनुमोदन स्वीकृति के लिए भेजा गया था। अनुमोदन स्वीकृत होने के बाद इसका एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
वीएन शर्मा, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड