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Bareilly News: शहर में 80 हजार कुत्ते, नौ माह में सिर्फ 2259 का ही बधियाकरण

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बरेली। नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक शहर में 80 हजार से अधिक आवारा कुत्ते हैं। टेंडर लेने वाली फर्म नौ माह में सिर्फ 2259 कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण कर सकी है। इसके बदले 917 रुपये प्रति कुत्ते की दर से नगर निगम फर्म को 20 लाख रुपये से अधिक की रकम का भुगतान कर चुका है। फर्म की सुस्ती की वजह से शहर में कुत्तों का आतंक कायम है। टेंडर की अवधि 30 नवंबर को पूरी हो जाएगी, पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
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नगर निगम ने कुत्तों के बधियाकरण और वैक्सीनेशन के लिए अक्तूबर 2024 में सोसाइटी फाॅर ह्यूमन एंड एनिमल वेलफेयर एजेंसी को जिम्मेदारी दी थी। इसके बाद नगर निगम कागजोें में रोस्टर बनाता रहा और फर्म भी खानापूरी करती रही। हकीकत यह है कि नगर निगम खुद नहीं चाहता कि कुत्ते पकड़े जाएं। वर्ष 2021-22 और 2022-23 में 40 हजार कुत्तों का बधियाकरण किया गया था। इस लिहाज से देखें तो प्रति वर्ष औसतन 20 हजार कुत्तों का बधियाकरण किया गया था। वर्ष 2024-25 में जब निगम ने फर्म को टेंडर दिया तो महज साढ़े तीन हजार कुत्तों के बधियाकरण का लक्ष्य तय किया।

मैन पॉवर और संसाधनों के बिना चल रहा अभियान
कम लक्ष्य मिलने की वजह से फर्म भी इस काम में रुचि नहीं ले रही है। मैन पॉवर और संसाधनों के बिना ही खानापूरी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, फर्म के पास एक वाहन और चार मजदूर हैं जो दोे जाल से कुत्ते पकड़ते हैं। उन पर पूरे शहर की जिम्मेदारी है। ऐसे में शहरवासियों को आवारा कुत्तों के खौफ से छुटकारा मिलने की उम्मीद कम है।
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बधियाकरण के बिना घूम रहे 40 हजार कुत्ते
शहर में 80 हजार आवारा कुत्ते हैं। बीते वर्षों में इनमें से 40 हजार का बधियाकरण किया जा चुका है। बाकी 40 हजार कुत्ते अब भी बधियाकरण के बिना ही शहर में घूम रहे हैं और अपनी आबादी बढ़ा रहे हैं। संवाद

फर्म लगातार काम कर रही है। कोई शिकायत है तो उसे दिखवाएंगे। अभियान के लिए नया रोस्टर जारी कर फर्म का लक्ष्य भी निर्धारित किया जाएगा। - डॉ. नैन सिंह, उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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