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Bareilly News: शहर में 500 डेयरियां... गोबर से नाले चोक कार्रवाई के बजाय इंस्पेक्टर वसूल रहे हफ्ता

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बरेली। शहर में आबादी के बीच करीब 500 डेयरियां चल रही हैं। संचालक नालों में गोबर बहा रहे हैं। इससे नाले चोक हो रहे हैं। पार्षदों के मुताबिक, नगर निगम के इस्पेक्टर कार्रवाई के बजाय हफ्ता वसूल रहे हैं। कभी कार्रवाई से पहले सूचना लीक हो जाती है तो कभी डेयरी संचालकों पर मामूली जुर्माना लगाकर कार्रवाई के नाम पर रस्म अदायगी कर दी जाती है। नतीजा न डेयरियां हट सकीं और न ही नाले-नालियों में गोबर बहाने का सिलसिला थमा।
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नगर निगम खुद स्वीकार रहा है कि डेयरियां शहर की सफाई व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती हैं। सिकलापुर से लेकर जोगी नेवादा तक जल निकासी बाधित हो रही है। सीवर लाइनें ओवरफ्लो हो रही हैं। गली-मोहल्लों में संचालित पुरानी डेयरियां शिफ्ट नहीं हुईं और नई खुलती जा रही हैं। अमर उजाला टीम पड़ताल करने पहुंची तो पार्षद चंद्रप्रकाश गुप्ता ने कहा कि इंस्पेक्टरों ने डेयरियों से हफ्ता बांध रखा है। इसीलिए मामूली जुर्माना करके उन्हें छोड़ दिया जाता है। डेयरियां जहां की तहां चलती रहती हैं। गोपनीय जांच हो तो खुलासा हो जाएगा। ब्यूरो

ये हैं हालात
- सूफी टोला में डेयरी का गोबर नाली में बहता दिखा। नाली भी चोक मिली।
- कालीबाड़ी में सार्वजनिक जमीन पर खुलेआम डेयरी संचालित की जा रही है।
- कालीबाड़ी में विष्णु सदन वाली गली में डेयरी है, पर पशु सड़क पर बांधे जा रहे हैं।
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बीडीए के साथ मिलकर बनाएंगे शिफ्टिंग की योजना

डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए बीडीए के साथ मिलकर योजना तैयार की जाएगी। जमीन आरक्षित कर इन्हें वहां शिफ्ट किया जाएगा। ऐसा होने तक गोबर का निस्तारण करना डेयरी संचालक की जिम्मेदारी है। ऐसा नहीं करने पर नगर निगम जुर्माना लगाएगा। - शशिभूषण राय, अपर नगर आयुक्त
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दिल्ली की तर्ज पर आवंटित हो भूमि
दिल्ली की तर्ज पर यहां भी डेयरियों के लिए भूमि आरक्षित हो। उसे आवंटित किया जाए। - नरेंद्र सिंह, उप सभापति
मैं इस मुद्दे को सदन में उठाऊंगा। विचार-विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा। - सर्वेश रस्तोगी, पार्षद एवं पूर्व उप सभापति
या तो डेयरियां शहर से बाहर जाएं या नगर निगम गोबर के निस्तारण का इंतजाम करे। - शमीम अहमद, पार्षद
निजी एजेंसियों को जिम्मेदारी दें तो यही गोबर नगर निगम के लिए फायदे का सौदा बनेगा। - रंजीत वाल्मीकि, पार्षद
इन विकल्पों पर होना चाहिए काम
- डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट किया जाए।
- अगर इसमें देरी हो तो गोबर के निस्तारण का इंतजाम किया जाए।
- डेयरी संचालकों से शुल्क लेकर नगर निगम गोबर उठवाए।
- नाले-नालियों में गोबर बहाने पर अधिक से अधिक जुर्माना लगाया जाए।
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नहीं दिया जुर्माना, टीम से उलझे तो इंस्पेक्टर ने तीन डेयरी संचालकों पर कराई रिपोर्ट
बरेली। किला थाना क्षेत्र के चौधरी तालाब इलाके में गंदगी और नालियों में गोबर बहाने की शिकायत पर पहुंची नगर निगम की टीम से डेयरी संचालक रफीक, सारिक व मोहम्मद इकबाल ने अभद्रता की। उन्होंने न खुद जुर्माना दिया और न ही दूसरों को देने दिया। सफाई एवं खाद्य निरीक्षक मेघ सिंह ने किला थाने में तीन डेयरी संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
चौधरी तालाब की घनी बस्ती में करीब 50 डेयरियां हैं। इनसे निकलने वाला गोबर नालियों में बहता है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर रविवार को नगर निगम के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक मेघ सिंह के नेतृत्व में टीम चौधरी तालाब पहुंची। वहां पीएचसी वाली गली में नालियों में गोबर भरा मिला। सड़कों पर भी गंदगी थी। टीम ने गंदगी फैलाने के लिए जिम्मेदार कुछ डेयरी संचालकों का चालान काटकर जुर्माना डाला।
मेघ सिंह के मुताबिक, इसी दौरान डेयरी मालिक रफीक, सारिक व मोहम्मद इकबाल वहां आ गए और जुर्माना देने से इन्कार कर दिया। इन तीनों ने आसपास मौजूद अन्य डेयरी संचालकों को भी टीम के खिलाफ भड़काया। टीम से अभद्रता करते हुए सरकारी कार्य में बाधा डाली। ब्यूरो
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