दो हफ्ते पहले फेसबुक पर 30 साल के एक नौजवान अनूप की हार्ट अटैक से मौत की खबर आई तो कमेंट बॉक्स में शोक व्यक्त करने वाले लोग कम और आश्चर्य जताने वाले अधिक थे। इनका सवाल था कि इतना यंग लड़का, इसको हार्ट अटैक कैसे हो सकता है। दरअसल, तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच किसी भी उम्र में दिल की बीमारी होना आम बात हो गई है। युवाओं पर भी तेजी से इसका असर हो रहा है।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एके चौहान बताते हैं कि दुनिया में सीवीडी यानी दिल से जुड़ी बीमारियों के तहत हार्ट अटैक से मरने वालाें की संख्या तेजी से बढ़ रही है। भारत में होने वाली मौतों में एक चौथाई की वजह सीवीडी है। डॉ. चौहान बताते हैं कि युवावस्था में हृदय रोग उभरने की संभावना अधिक रहती है क्योंकि लाइफ स्टाइल बदल गई है और लोग मोटे हो रहे हैं। रात में सोना चाहिए तो जागते हैं और दिन में जागना चाहिए तो सोते हैं। सिगरेट और शराब का सेवन बढ़ गया है। पौष्टिक आहार की जगह फास्ट फूड का ज्यादा सेवन करते हैं। ठंडा पानी पीना और व्यायाम से दूरी भी हृदय रोगों की अहम वजह है। डॉ. चौहान का कहना है कि पश्चिमी देशों की तुलना में भारत में हृदय रोग 8 से 10 साल पहले उभरता है। वर्ष 2030 तक 35 से 65 साल की उम्र में यह रोग तेजी से बढ़ेगा। इस समय भी ओपीडी में युवाओं की संख्या अच्छी-खासी है।
बच्चों में भी बढ़ रहा जोखिम
डॉक्टर बताते हैं कि महिलाओं और पुरुषों दोनों में यह समस्या बराबर है। हर साल तीन में एक महिला की मौत हृदय की बीमारी से होती है। बच्चों में भी इसका जोखिम बढ़ रहा है। भारत को डायबिटीज की राजधानी के रूप में जाना जा रहा है, इसलिए इससे बचना जरूरी है।
साइलेंट बीपी ज्यादा खतरनाक
डॉ. चौहान बताते हैं कि कई बार अचानक ब्लड प्रेशर का लक्षण नहीं दिखता है तो लोग समझते हैं कि वे फिट हैं, जबकि 45 साल के बाद नियमित रूप से चेकअप जरूरी है क्याेंकि साइलेंट बीपी और खतरनाक है। दिन में एक या आधे घंटे की नींद अच्छी रहती है। सिगरेट और शराब छोड़ना ही बेहतर रहेगा।
युवा क्यों न हाें बीमार
मैदान पर खेलों की जगह कंप्यूटर गेम से समस्या बढ़ी है
फास्ट फूड का अधिक सेवन मोटापा बढ़ाता है
ठंडा पानी भी मोटापा बढ़ने का बड़ा कारण है
कार्यालय जाने वाले सात घंटे की नींद नहीं लेते हैं
रात में 3 बजे सोना और सुबह 11 बजे उठना भी सही नहीं
खाने का समय निर्धारित न होने से शुगर हो रही है