थानों और पुलिस चौकियों में कहां से कितना आना है, किसको कितना जाना है। किसे कितना पहुंचाना है। सब्जी और दूध किसको भेजना है। यह काम कार्यखास ही करता है। यह थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज का कोई भी खास वर्दी वाला हो सकता है। कुछ बिना वर्दी वाले भी कार्यखास की भूमिका में रहते हैं। कई अधिकारी भी अपने कार्यखास रहते हैं।
प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद एसएसपी जोगेंद्र कुमार बुधवार की सुबह 11.30 बजे पुलिस लाइंस स्थित कंट्रोल रूम पहुंच गए। वहां से उन्होंने सभी अधिकारियों और थाना प्रभारियों को वायरलेस सेट पर निर्देश देने शुरू कर दिया। एसएसपी ने कहा कि किसी भी इलाके में अवैध बूचड़खाने चलते नहीं मिलने चाहिए। छेड़खानी और दुकानों के आगे खड़े होकर शराब पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई करो। एंटी रोमियो दल सख्ती से कार्रवाई करे। ट्रैफिक सिस्टम में सुधार करने की जिम्मेदारी थाना प्रभारी की होगी। अवैध वसूली और गौकशी नहीं होनी चाहिए। जिस सिपाही दरोगा की अवैध वसूली की शिकायत आ रही है, उनकी गोपनीय रिपोर्ट भेजनी है। सिपाही भी थाना प्रभारी की गोपनीय रिपोर्ट बनाकर उन्हें बता सकता है। थानों की शह पर होने वाले सभी अवैध काम बंद कराने हैं। सप्ताह में दो दिन श्रमदान करना है। सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा रखनी है। गौवध में पकड़े जाने वाले लोगों पर गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। महिलाओं के साथ होने वाले अपराध चेन स्नेचिंग और लूट को रोकना है। सीओ प्रतिदिन एक थाने में चेकिंग करेंगे। पुलिस कर्मियों को अनुशासन में रहना है। किसी थाने चौकी में कार्यखास नहीं रहेगा। थाना प्रभारियों के साथ लंबे समय से चलने वाले हमराह सिपाहियों को हटाया जाएगा।