रुहेलखंड का होगा आकर्षण, विभिन्न प्रांतों के कारीगर कर रहे हैं काम
विज्ञापन
दरवाजे पर मीनाकारी, नक्काशी के साथ ही सोने का हो रहा काम
राजस्थानी व तेलंगाना के पत्थरों से भव्यता में लगाए जा रहे चार चांद
बरेली। खानकाह नियाजिया के मुख्य रास्ते पर बन रहे नए प्रवेश द्वार को बुलंद दरवाजा का नाम दिया गया है। इसे फतेहपुर सीकरी के बुलंद दरवाजे की तरह ही ऐतिहासिक बनाने के लिए पच्चीकारी, मीनाकारी, नक्काशी के अलावा सोने और सियाह कलम का काम कराया जा रहा है। इसके लिए राजस्थान, मध्य प्रदेश और तेलंगाना से कारीगर बुलाए गए हैं।
करीब एक साल पहले तत्कालीन सज्जादानशीन शाह हसनैन नियाजी उर्फ हसनी मियां ने बुलंद दरवाजे की बुनियाद रखी थी। उनके विसाल के बाद कुछ दिन काम रुक गया था, मगर नए सज्जादा अल्हाज शाह मेहंदी मियां ने अब इसका निर्माण तेजी से शुरू करा दिया है। यही नहीं ऐसे तमाम काम जिनकी लोग उम्मीद नहीं कर पा रहे थे, उन्हें भी बखूबी निभाना शुरू कर दिया है। प्रबंधक शब्बू मियां नियाजी का कहना है कि यह गेट रुहेलखंड क्षेत्र का आकर्षण होगा। इस तरह का गेट आसपास जिलों में नहीं होगा। इसकी ऊंचाई 64 फुट और चौड़ाई 22 फुट है। गेट के ऊपर दोनों तरफ ऊंची मीनारें बनेंगी। सीढ़ियां चढ़कर गेट से गुजरना होगा। गेट पर पत्थर तेलंगाना और राजस्थान के लगाए जा रहे हैं। बाहर के जो कारीगर आए हैं, उनके रहने और खाने की व्यवस्था खानकाह की ओर से की गई है।