बरेली। नई आबकारी नीति घोषित होते ही विभाग में गतिविधियां तेज हो गई हैं। अगले दो साल तक मौजूदा दुकानों के नवीनीकरण के फैसले के साथ ही अंग्रेजी शराब के दाम 25 प्रतिशत तक कम किए जाने हैं। आने वाले वित्तीय वर्ष में बरेली मंडल में दस नई दुकानें भी खुलेंगी।
पड़ोसी राज्य हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड में एक्साइज ड्यूटी कम होने से अंग्रेजी शराब के दाम काफी कम है। इस वजह से हर दिन हजारों बोतल शराब यूपी में तस्करी कर लाई जाती है। नतीजतन यूपी में राजस्व प्रभावित होने लगा है। इससे निपटने के लिए कुछ फैसले लिए गए हैं। अंग्रेजी शराब पर प्रदेश में लाइसेंस शुल्क नहीं बढ़ाया जा रहा है। साथ ही विभिन्न ब्रांडों पर एक्साइज ड्यूटी भी गिरेगी। इससे निचली रेंज वाले ब्रांड काफी सस्ते हो जाएंगे। बैग बाइपर का पौव्वा अभी 135 रुपये मिल रहा है जो कि दाम गिरने पर सौ रुपये में मिलने लगेगा। इसी तरह अंग्रेजी और देसी पौव्वा में अंतर सिर्फ तीस रुपये का रह जाएगा।
देसी शराब का कोटा बढ़ेगा
नये वित्तीय वर्ष में देसी शराब पिलाने का लक्ष्य चार प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। इससे बरेली मंडल में करीब दो करोड़ लीटर शराब बिक्री होगी। ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए देसी पर देय ड्यूटी एक रुपये प्रति लीटर घटाकर 226 रुपये कर दी गई है। इससे ठेकेदार को बीस पैसे प्रति पौव्वा का फायदा होगा, लेकिन उपभोक्ता को कोई लाभ नहीं मिल पाएगा।
बढ़ेंगी दुकानें
बीयर और अंग्रेजी शराब पर लाइसेंस शुल्क यथावत रखने के साथ ही देसी शराब की दुकानें बढ़ायी जा रही हैं। बरेली मंडल में नौ देसी शराब और बीयर की एक दुकान बढ़ेगी। बरेली में देसी शराब की दो और दुकानें खुलेंगी।
नवीनीकरण शुरू
पुरानी दुकानें और मॉडल शाप की नवीनीकरण प्रक्रिया विभाग में शुरू हो गई है जो 27 फरवरी तक चलेगी। भांग की दुकानों की नीलामी दस मार्च को होगी।
वर्जन
नई नीति के तहत पुरानी दुकानों का नवीनीकरण हो रहा है। नई प्रस्तावित दुकानों के आवेदन लिए जाने हैं। अंग्रेजी शराब पर ड्यूटी कम होने से दाम गिरेंगे।
- एसपी तिवारी, उपायुक्त, आबकारी