बरेली। शहर में विकास कार्यों में तालमेल की कमी और खराब गुणवत्ता का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। सीएम ग्रिड फेज-1 योजना के तहत बनी दो माह पुरानी सड़क को पानी की पाइपलाइन फटने के कारण दोबारा खोदना पड़ा।
कुष्ठ आश्रम रोड पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से शनिवार को करीब चार हजार की आबादी को पानी के लिए तरसना पड़ा। गर्मी के बीच अचानक हुई इस कटौती से स्थानीय निवासी परेशान हुए। मरम्मत के दौरान हजारों लीटर पीने का पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो गया। सड़कों पर पानी बहने से राहगीरों और वाहन चालकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइप लाइन बिछाने के काम में लापरवाही बरती गई है। घटिया सामग्री और कमजोर फिटिंग के चलते जगह-जगह से पाइप लाइनें फट रही हैं। बीते दिनों मॉडल टाउन और स्टेडियम रोड जैसे इलाकों में भी जल आपूर्ति ठप हुई है।
प्रेमनगर के प्रदीप शर्मा ने बताया कि पानी की लाइन कई बार फट चुकी है। हर बार ठीक करने के बाद भी यह समस्या बनी रहती है। अनिल कुमार ने लाइन फटने के कारणों की जांच कराने की मांग की है। चीफ इंजीनियर मनीष अवस्थी ने कहा कि संबंधित एजेंसी से लीकेज की समस्या पर जवाब मांगा जा रहा है। मॉनीटरिंग टीमों से रिपोर्ट भी मांगी गई है।